
एलपीजी सिलेंडर ब्लैक मार्केट में काफी महंगा मिल रहा है। (PC: AI)
LPG Black Market Price: नेचुरल गैस की आपूर्ति में बाधाओं के चलते भारत के कई शहरों में कमर्शियल एलपीजी सिलेंडरों की कमी देखी जी रही है। रेस्टोरेंट्स, होटल और ढाबे वाले परेशान हैं। इंडक्शन और लखड़ी से खाना पकाना पड़ रहा है। रेस्टोरेंट, कैटरर्स, घरों और यहां तक कि मंदिरों की रसोई में भी सिलेंडर की सप्लाई में देरी की शिकायतें देशभर से मिल रही हैं।
केंद्र सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि घरेलू एलपीजी की सप्लाई सेफ है। साथ ही राज्यों को डिस्ट्रीब्यूशन पर कड़ी निगरानी रखने और जमाखोरी या ब्लैक मार्केटिंग रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
हालांकि, सप्लाई को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच कई शहरों से ऐसी खबरें आ रही हैं कि सिलेंडर ब्लैक मार्केट में अधिक कीमतों पर बेचे जा रहे हैं। कुछ जगहों पर कमर्शियल सिलेंडर आधिकारिक कीमत से लगभग दोगुनी कीमत पर मिल रहे हैं।
किसी भी घर में एक समय में दो घरेलू एलपीजी सिलेंडर कनेक्टेड रखे जा सकते हैं। इसके अलावा एक अतिरिक्त स्पेयर सिलेंडर बैकअप के रूप में रखने की अनुमति है। बिना उचित अनुमति के इससे ज्यादा सिलेंडर रखने पर पेट्रोलियम और सुरक्षा नियमों के तहत कार्रवाई और जुर्माना हो सकता है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वे सिलेंडरों की जमाखोरी न करें और केवल अधिकृत डिस्ट्रीब्यूटर से ही रिफिल लें।
कई शहरों में कमी की खबरों के बीच केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों, उपभोक्ता मामलों के मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और पुलिस प्रमुखों के साथ एक वर्चुअल बैठक की। अधिकारियों के मुताबिक, उन्होंने राज्यों को निर्देश दिया कि एलपीजी सप्लाई और वितरण पर कड़ी निगरानी रखें। जमाखोरी और ब्लैक मार्केटिंग रोकें और एलपीजी बिक्री के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखें।
भारत हर साल लगभग 31.3 मिलियन टन एलपीजी का उपभोग करता है। इसमें से करीब 87% घरेलू इस्तेमाल में आता है, बाकी होटल, रेस्टोरेंट और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग होता है। कुल खपत का लगभग 62% हिस्सा विदेशों से आयात किया जाता है।
Published on:
12 Mar 2026 01:19 pm
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