
गैस संकट ने कई वस्तुओं के दाम बढ़ा दिये हैं। (PC: AI)
LPG Crisis: मिडिल ईस्ट में युद्ध और स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज के बंद होने से भारत में गैस संकट खड़ा हो गया है। वैश्विक स्तर पर गैस की सप्लाई में रुकावट के चलते देश के कई राज्यों में एलपीजी संकट गहरा रहा है। मार्केट में कमर्शियल सिलेंडर की शॉर्टेज है। ब्लैक मार्केट में ये सिलेंडर 3-4 गुना ज्यादा दाम में मिल रहे हैं। महानगरों में कई होटल-रेस्टोरेंट्स बंद होने की स्थिति में हैं। इंडक्शन और लकड़ी पर खाना बनाने की नौबत आ गयी है।
जब गैस महंगा हुआ तो खाने-पीने की चीजों के दाम भी बढ़ गए। 10 रुपये में मिलने वाली चाय 15 रुपये में मिल रही है। वहीं, 15 रुपये की चाय 20 रुपये में मिल रही है। 15 रुपये का समोसा 20 रुपये का हो गया है। कई जगह 20 रुपये वाला ब्रेड पकोड़ा 25 से 30 रुपये में मिल रहा है। मोमोज की जो प्लेट पहले 50 रुपये की मिलती थी, उसकी कीमत अब करीब 100 रुपये हो गई है। इसी तरह 150 रुपये की चिकन बिरयानी प्लेट अब 200 रुपये में मिल रही है।
गैस की शॉर्टेज का सबसे बड़ा असर ढाबों, रेस्टोरेंट्स और होटल्स पर देखने को मिल रहा है। कई रेस्टोरेंट्स तो बंद हो गए हैं और कुछ इंडक्शन और लकड़ी पर खाना बना रहे हैं। काफी रेस्टोरेंट्स ने अपने मेन्यू में बदलाव किया है। मेन्यू से तवा रोटी गायब हो गई है। इसकी जगह तंदूर रोटी ने ले ली है। सड़क किनारे जो फूड स्टॉल लगते थे, वे अब बंद नजर आ रहे हैं।
सरकार का कहना है कि वह संकट से निपटने का प्रयास कर रही है और कई दूसरे देशों से गैस आयात की जा रही है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने गुरुवार को कहा कि एलपीजी संकट से निपटने के प्रयास जारी हैं और भारत के लिए अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के रास्ते खुल रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है।
Updated on:
12 Mar 2026 04:49 pm
Published on:
12 Mar 2026 03:41 pm
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