भारत दुनिया का दूसरा देश, जहां 63 फीसदी तेजी से बढ़ रही अरबपतियों की संख्या

- नाइट फ्रैंक की द वैल्थ रिपोर्ट 2021 में खुलासा: दुनिया में 27 फीसदी की तेजी से बढ़ेगी अरबपतियों की संख्या, भारत में अभी 6,884 अरबपति।

- इंडोनेशिया के बाद भारत ऐसा करने वाला दुनिया में दूसरा देश तेजी से बढ़ रही हैं आर्थिक गतिविधियां ।
- 5 सालों में बिल्कुल अलग होगी न्यू इंडिया की तस्वीर।
- 43% की तेजी नजर आएगी बिलियनेयर क्लब में।
- 162 बिलियनेयर होंगे 2025 तक, अभी देश में सिर्फ 113
- अरबपतियों के पसंदीदा शहर मुंबई दिल्ली बेंगलूरु ।

By: विकास गुप्ता

Published: 26 Feb 2021, 11:22 AM IST

नई दिल्ली । कोरोना वायरस महामारी के बाद आर्थिक गतिविधियां तेजी से नई ऊंचाइयों को छू रही हैं। देश-दुनिया की रेटिंग एजेंसियों की नजर में भारत की इकोनॉमी में तेजी से सुधार हो रहा है। लगभग सभी ने अपने अनुमान को या तो संशोधित किया है या फिर सुधार की श्रेणी में ला दिया है। इससे उम्मीद है कि भारत अगले पांच सालों में पांच ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था वाले क्लब में शामिल हो सकता है। दुनिया में 2025 तक तीन करोड़ डॉलर (2.18 अरब) या उससे अधिक संपत्ति वाले अति अमीरों की संख्या 27 फीसदी, तो भारत में 63 फीसदी बढ़कर 11,198 होने की उम्मीद है। इंडोनेशिया के बाद भारत इस मामले में दुनिया में तेजी से बढऩे वाला देश होगा। यह खुलासा प्रॉपर्टी कंसल्टेंसी फर्म नाइट फ्रैंक की वैल्थ रिपोर्ट 2021 में हुआ है।

देश में 6,884 रईस-
दुनियाभर में ऐसे रईसों की संख्या 27 फीसदी बढ़कर 6,63,483 होने की उम्मीद है। अभी दुनिया में 5,21,653 रईस हैं। भारत में 6,884 रईस हैं। पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा 67 फीसदी इंडोनेशिया में रईस हो ंगे। रईसों को मुंबई, दिल्ली और बेंगलूरु शहर में रहना पसंद है। चुनिंदा देशों और क्षेत्रों में सर्वाधिक अमीर एक फीसदी वाले लोगों के क्लब में शामिल होने की जरूरतों का अध्ययन किया गया।

यह है 1 प्रतिशत क्लब -
इ स क्लब में शामिल होने के लिए जरूरी नेट वेल्थ की थ्रेसहोल्ड देशों में अलग है। सबसे अधिक अति धनवानों के निवास स्थल मोनैको में जहां शीर्ष एक फीसदी क्लब में जगह बनाने के लिए 79 लाख डॉलर की संपत्ति जरूरी है, तो वहीं स्विट्जरलैंड में 51 लाख डॉलर और अमरीका में 44 लाख डॉलर है।

भारत में 60 हजार डॉलर-
शीर्ष एक फीसदी धनवानों के क्लब में शामिल होने के लिए एशियाई क्षेत्रों में सिंगापुर में 29 लाख डॉलर की रकम होनी चाहिए। वहीं भारत में 60,000 डॉलर होनी चाहिए। 2025 तक भारत की यह थ्रेसहोल्ड लिमिट दोगुनी हो सकती है। चीन में अमीरों की संख्या 39 फीसदी बढऩे की उम्मीद है। 2025 तक एशिया में दुनिया के अति धनवानों की संख्या के मुकाबले 24 फीसदी चीन में होंगे।

विकास गुप्ता
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