
राजा नायक आज एक बड़े कारोबारी हैं। (PC: AI/linkedin)
Bollywood movie inspired entrepreneur: फिल्में महज मनोरंजन का साधन ही नहीं होतीं, कभी-कभी इंस्पिरेशन की वजह भी बन जाती हैं। बेंगलुरु के कारोबारी राजा नायक की सक्सेस (Raja Nayak Success Story) में एक बॉलीवुड फिल्म का बहुत बड़ा हाथ है। इस फिल्म ने राजा के अंदर की आग को बुझने नहीं दिया। जब वह मुश्किल में घिर जाते, निराशा उन्हें कमजोर करने की कोशिश करती, राजा बस यही सोचते कि जब फिल्म का हीरो कर सकता है तो वह भी कर सकते हैं। आज वह कारोबारी दुनिया का एक बड़ा नाम हैं। कई कंपनियों के मालिक हैं और युवाओं को कभी हार न मानने की सीख दे रहे हैं।
राजा नायक का बचपन अभावों में गुजरा। बेंगलुरु में जन्मे राजा के परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। भूख से उनका चोली-दामन का रिश्ता था और स्कूल उनके लिए किसी सपने की तरह हो गया था। अधिकांश बच्चों की तरह राजा भी हीरो बनना चाहते थे। अपनी इसी चाहत को पूरा करने के लिए 17 साल की उम्र में वह मुंबई चले गए। मुंबई सपनों का शहर है, लेकिन हर किसी का सपना यहां पूरा नहीं होता। राजा के साथ भी यही हुआ। उन्होंने फिल्मों में काम के लिए खूब हाथ-पैर मारे, मगर सफलता नहीं मिली। भारी मन के साथ उन्हें वापस बेंगलुरु लौटना पड़ा। फिल्मों का सपना टूटने से वह दुखी जरूर थे, लेकिन मुंबई में देखी एक फिल्म उन्हें लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा दे रही थी।
बेंगलुरु पहुंचने के बाद राजा नायक ने अपनी मां से कुछ पैसे उधार लिए और कुछ सस्ती टीशर्ट खरीद लाए। शहर की व्यस्त सड़क के फुटपाथ को उन्होंने अपना ठिकाना बनाया। वह सड़क किनारे 50 रुपए में टी-शर्ट बेचने लगे। शुरुआत में उन्हें खास अच्छा रिस्पॉन्स नहीं मिला। तभी उनकी नजर कुछ फैक्ट्री वर्कर्स पर गई, जो नीली और सफेद रंग की टी-शर्ट अधिकतर पहनते थे। राजा को इसमें संभावना नजर आई। उन्होंने केवल इन दो कलर पर ही फोकस किया। इस बदलाव के पहले ही दिन उनकी सभी टी-शर्ट बिक गईं और उन्होंने करीब 5000 रुपए का प्रॉफिट कमाया। संभवत: यह पहला मौका था जब राजा ने एक साथ इतने रुपए देखे थे।
टी-शर्ट में मुनाफा कमाने के बाद राजा नायक ने जूते, चप्पल और घर का सामान भी बेचना शुरू किया। यहां से उनके एक स्ट्रीट वेंडर से बड़े बिजनेसमैन बनने की कहानी की शुरुआत हुई। मुंबई में राजा ने अमिताभ बच्चन की फिल्म त्रिशूल (Amitabh Bachchan Film Trishul) देखी थी, जिसमें हीरो को गरीबी से लड़कर बिजनेस खड़ा करते हुए दिखाया गया था। यही फिल्म राजा नायक को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती रही। जब भी वह निराशा में घिर जाते, सोचते कि जब फिल्म का हीरो कर सकता है, तो मैं क्यों नहीं। 1991 में उनके जीवन में एक बड़ा बदलाव आया। उन्होंने पैकेजिंग इंडस्ट्री में कदम रखा और अपनी पहली सही कंपनी 'अक्षय एंटरप्राइजेज' की नींव रखी। अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के बूते राजा नायक ने इस एक कंपनी से पूरा साम्राज्य खड़ा कर डाला।
आज राजा नायक कई सफल बिजनेस के फाउंडर हैं। वह एक बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी MCS लॉजिस्टिक्स (MCS Logistics) चलाते हैं। उनकी दूसरी कंपनी Jala Beverages पॉपुलर ड्रिंक्स बेचती है। इसके अलावा, वेलनेस और न्यूट्रिशन सेक्टर में भी उनकी मौजूदगी है। कुल मिलाकर, उनकी कंपनियां हर साल 100 करोड़ रुपए से अधिक का रेवेन्यू कमा रही हैं। इस तरह फिल्म से प्रेरणा लेकर एक स्ट्रीट वेंडर आज सफल बिजनेसमैन बन गया है। राजा की सक्सेस स्टोरी बताती है कि खुद पर विश्वास से दुनिया जीती जा सकती है। किसी एक सपने के टूटने का मतलब सबकुछ खत्म होना नहीं होता। और साथ ही यह भी कि फिल्में बिगाड़ती ही नहीं, संवारती भी हैं, यह आप पर निर्भर करता है कि आप कौनसी राह चुनते हैं।
Updated on:
20 Jan 2026 12:28 pm
Published on:
20 Jan 2026 12:15 pm

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