
Fixed Diposite
चुनावी नतीजों के बाद जिस तरह की अनिश्चितता देखी गई, उससे निवेशक घबराए हुए हैं। जानकारों की मानें तो इस दौर में निवेशकों को छोटी अवधि की एफडी में निवेश करना चाहिए। देश के कई बैंकों ने एक साल तक की अवधि वाली एफडी पर ब्याज पिछले दिनों 25 से 75 आधार अंक बढ़ा दिया। ब्याज दरें जहां पहुंच चुकी हैं, वहां से और ऊपर जाने की संभावना बहुत कम है। इन दरों पर एफडी में पैसा लगाने का यह सबसे सही समय है। वित्तीय योजनाकार मुकेश जैन का कहना है कि कर्ज की मांग खूब बढ़ी है, जिससे बैंकों का कर्ज-जमा अनुपात काफी हो गया है। बढ़ी ब्याज दर का असली फायदा उठाना है तो छोटी अवधि की एफडी कराएं। निकट भविष्य में दरें कम हुईं तो भी एफडी अधिक ब्याज दे रही होगी। इसलिए अभी एफडी फायदे का सौदा है।
अगले कुछ महीनों में धीरे-धीरे एफडी में रकम लगाएं। अलग-अलग अवधि वाली एफडी में निवेश करना समझदारी होगी ताकि पैसे को बेहतर दर पर दोबारा निवेश करने में सहूलियत हो। सबसे पहले देखें कि एक ही अवधि के लिए अलग-अलग बैंक कितना ब्याज दे रहे हैं।
यह भी ध्यान रखें कि अच्छी ब्याज दर का फायदा उठाने के फेर में बहुत सारे बैंकों में एफडी नहीं करा बैठें। जैन कहते हैं कि इससे कर के लिहाज से सूचना देना और आपके जाने के बाद परिवार के लिए पूरी रकम का पता लगाना और भी कठिन हो सकता है। तीन बैंकों में एफडी कराना पर्याप्त होगा।
ज्यादा रिटर्न कमाना है तो एफडी के लिए रखी रकम का छोटा हिस्सा किसी स्मॉल फाइनेंस बैंक में लगा दें। लेकिन सहकारी बैंकों से दूर रहें। क्योंकि वहां पैसा डूबने का जोखिम होता है। अगर आपका कोई वित्तीय लक्ष्य केवल एक से तीन साल दूर है तो उसके लिए जरूरी रकम को एफडी में लगा दीजिए। ज्यादा मुनाफा मिलेगा।
आप जिस आयकर दायरे में आते हैं, एफडी पर भी उसी दर से कर वसूला जाता है। इसलिए कम आयकर स्लैब वाले निवेशकों को फिक्स्ड इनकम योजनाओं वाली ज्यादातर रकम एफडी में डाल देनी चाहिए। लेकिन लंबे समय के लिए निवेश के लिए रखी ज्यादातर रकम एफडी में नहीं लगाएं। कर घटने के बाद मिलने वाला रिटर्न शायद महंगाई के हिसाब से न बढ़े।
अवधि चुनते समय आर्थिक लक्ष्यों को ध्यान में रखना चाहिए। इमरजेंसी में अगर आप एफडी को समय से पहले तोड़ते हैं, तो ब्याज राशि पर आमतौर पर 1त्न की पेनल्टी लगती है।
कई बैंक या कंपनियां एफडी पर अधिक ब्याज प्रदान करती हैं, लेकिन इनसे एफडी लेने में कुछ जोखिम हो सकते हैं। इसलिए कंपनी की क्रेडिट रेटिंग देखकर अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर निवेश करें।
Published on:
18 Jun 2024 06:04 pm

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