Work From Home से कर्मचारियों की परेशानी बढ़ी, देना होगा अतिरिक्त टैक्स

कोरोना वायरस के कारण कई लोगों की नौकरी चली गई है। हालांकि कुछ लोग घर से काम (Work from home) कर रहे है। घर से काम करने की सहूलियत मिलने से कंपनियों और कर्मचारियों लॉकडाउन में भी काम जारी रखने में कोई परेशानी नहीं आई।

By: Shaitan Prajapat

Published: 16 Oct 2020, 04:35 PM IST

कोरोना वायरस के कारण कई लोगों की नौकरी चली गई है। हालांकि कुछ लोग घर से काम (Work from home) कर रहे है। घर से काम करने की सहूलियत मिलने से कंपनियों और कर्मचारियों लॉकडाउन में भी काम जारी रखने में कोई परेशानी नहीं आई। घर पर काम करने से कर्मचारियों के कनवेंस, फूड, क्रैच जैसे अलाउंस का खर्चा समाप्त हो गया है। एक रिपोर्ट के अनुसार, यह खर्चा ना होने से अगर कंपनी इस रकम का भुगतान करेगी तो इस पर कर्मचारियों को टैक्स देना होगा। WFH से बिजली, इंटरनेट, फर्नीचर और घर पर रहकर खाने का खर्च बढ़ दिया है। ऐसे में कर्मचारी कंपनियों से और एचआर विभाग से इन खर्चों के मद्देनजर अपने सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव के लिए बात कर सकते हैं।

 

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कंपनियों और कर्मचारियों के सामने कई परेशानियां
WFH से कोरोना काल में भी कंपनियों के काम प्रभावित नहीं हुआ। कर्मचारियों की नौकरी को भी इस सिस्टम ने सुरक्षित बनाए रखा। लेकिन इस WFH ने टैक्स और रिइंबर्समेंट को लेकर कंपनियों और कर्मचारियों के सामने कई दिक्कत आ गई है। अब घर से काम करने की वजह से कर्मचारी फूड अलाउंस के लिए दावा नहीं कर सकते। कर्मचारियों का कहना है कि WFH की वजह से उन्हें टैक्स में कोई छूट मिल सकती है। दुनिया भर में कंपनियां इस बात पर काम कर रही हैं कि उनके कर्मचारियों को पहले जो स्पेशल अलाउंस मिल रहे थे उन्हें कैसे एडजस्ट किया जाए।

 

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सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव
एक रिपोर्ट के अनुसार, सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव जैसे कदम कंपनियों को उठाने होंगे तभी इस नए सिस्टम में कर्मचारियों को टैक्स का अतिरिक्त बोझ पड़ने से बचाया जा सकता है। इसके अलावा आयकर विभाग के फैसलों पर नजर होगी कि कर्मचारियों को टैक्स की नई टेंशन का सामना इस कोरोना काल में ना करना पड़े। इसके अलावा भी कई भत्ते हैं जिनके अब असल में खर्च ना होने से टैक्स की मुश्किल बढ़ने वाली है। इनमें शामिल हैं, फ्यूल या कन्वेअंस अलाउंस जिसपर WFH के चलते खर्च बंद हो गया है। HRA पर भी काफी लोगों के अपने शहर लौट जाने से खर्च बंद है क्योंकि वो मकान छोड़ चुके हैं।

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