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Gold Price Outlook : ईरान-इजराइल युद्ध से सोने पर क्या पड़ेगा असर, घटेंगी कीमतें या आसमान छुएंगे भाव?

Gold Price Outlook : सोने की बढ़ती कीमतों ने आम आदमी को परेशान कर दिया है। अब ईरान-इजराइल युद्ध के बढ़ जाने से सोने की कीमत को लेकर लोगों के मन में कई सवाल हैं।

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भारत

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Devika Chatraj

Jun 23, 2025

सोने की कीमतों में आज तेजी देखने को मिली है। (PC: Pixabay)

Gold Price Outlook : मिडिल ईस्ट में इस समय माहौल काफी गर्माया हुआ है। ईरान और इजराइल एक दूसरे पर जबरदस्त हमले कर रहे हैं। अमेरिका के इस युद्ध में कूदने के बाद स्थिति अब और बिगड़ सकती है। इसका सीधा असर वैश्विक व्यापार पर भी देखने को मिल रहा है। ईरान दुनिया के काफी महत्वपूर्ण व्यापारिक रूट होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने जा रहा है। इन सब चीजों ने निवेशकों को चिंतित कर दिया है। शेयर बाजार में आज आई गिरावट से यह दिख भी रहा है। उधर कच्चे तेल के दाम बढ़ने से महंगाई बढ़ने का डर है। इन सब के बीच कई लोगों के मन में सवाल होगा कि सोने की कीमतें कहां जाएंगी? इनमें तेजी आएगी या मंदी… आइए जानते हैं।

युद्ध और सोने का क्या है रिलेशन?

भू-राजनैतिक तनाव और सोने की कीमत की सीधा रिलेशन होता है। यानी जब भी दुनिया में कहीं युद्ध जैसे हालात बनते हैं, सोना महंगा हो जाता है। इरान और इजराइल के बीच चल रहे युद्ध का असर सोने की कीमतों में साफ देखा जा सकता है। जब भी दुनिया में कोई बड़ा संकट आता है, भू-राजनैतिक तनाव पैदा होता है, वैश्विक मंदी आती है या शेयर मार्केट्स में गिरावट आने लगती है, तो सोने की कीमतों में उछाल आता है। इस समय ईरान-इजराइल के अलावा रूस और यूक्रेन भी जंग लड़ रहे हैं।

क्यों महंगा हो जाता है सोना?

वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता पैदा होने पर अन्य निवेश विकल्प निवेशकों के लिए रिस्की हो जाते हैं। ऐसे में वे सेफ हेवन एसेट्स में अपना पैसा सुरक्षित रखने की कोशिश करते हैं। सोना एक सेफ हेवन एसेट है। निवेशक ही नहीं, बल्कि विभिन्न देशों के केंद्रीय बैंक भी अपने देश की इकॉनोमी को मजबूत करने के लिए अपना गोल्ड रिजर्व बढ़ाते हैं। इस तरह सोने की यह नई मांग कीमतों में इजाफा करने का काम करती है।

मैक्रो-इकॉनोमिक परिस्थितियां

जियोपॉलिटिकल फैक्टर्स के अलावा मैक्रो-इकॉनोमिक परिस्थितियां भी सोने की कीमतों में आगे बढ़ोतरी के संकेत दे रही हैं। यूएस के हालिया महंगाई के आंकड़े उम्मीद से कम आए हैं। वहां, खुदरा महंगाई मई महीने में सिर्फ 0.1 फीसदी बढ़ी है। इससे जल्दी रेट कट को लेकर उम्मीदें बढ़ी हैं। यूएस फेड सितंबर में ही अगला रेट कट कर सकता है। ब्याज दरें कम होने से सोने जैसे नॉन यील्डिंग एसेट को खरीदना आसान हो जाएगा और निवेशकों के लिए यह और आकर्षक बन जाएगा।

चीन और रूस से आ रही बड़ी डिमांड

इसके अलावा चीन और रूस यूएस डॉलर के अलावा दूसरे एसेट्स से अपने खजाने को डायवर्सिफाई करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। वे लगातार सोना खरीद रहे हैं, जो इसकी कीमतों को बढ़ाने का काम करेगा। इस डिमांड के चलते ही सोने की कीमत इस साल अब तक 29 फीसदी बढ़ गई है। पिछले 2 वर्षों में सोने का भाव करीब 70 फीसदी बढ़ गया है।

क्या है सोने की लेटेस्ट कीमत?

भारतीय बाजार में सोने के घरेलू वायदा भाव सोमवार शाम बढ़त के साथ ट्रेड करते दिखे हैं। एमसीएक्स एक्सचेंज पर सोना 400-5 00 रुपये प्रति 10 ग्राम की तेजी के साथ ट्रेड कर रहा था। इससे सोने का वायदा भाव 99,600 रुपये प्रति 10 ग्राम के करीब ट्रेड करता दिखाई दिया।