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चांदी के गहने-सिक्के की भी हो सकती है हॉलमार्किंग

देखा जाता है कि महिलाएं अक्सर पुरानी चांदी की पायल, बिछिया, सिक्के आदि बेचकर नए गहने-सिक्के खरीदने के लिए ज्वैलर्स के पास जाती हैं। वहां पहुंचने पर उन्हें पता चलता है कि उनकी चांदी में भारी मात्रा में मिलावट है। ऐसे में उनके हाथ कुछ नहीं आता। ऐसे में अब सरकार चांदी की हॉलमार्किंग पर भी विचार कर रही है। चांदी की हॉलमार्किंग होने से ऐसी महिलाओं को सबसे ज्यादा राहत मिलेगी।

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Gold and Silver: एक महीने में चांदी 10,000 रुपए टूटी

Gold and Silver: एक महीने में चांदी 10,000 रुपए टूटी

गोल्ड हॉलमार्किंग शुरू होने से लोगों को नकली सोने से तो निजात मिल गई है। लेकिन चांदी के गहने, बर्तन, मूर्तियों और सिक्के की शुद्धता को लेकर ग्राहकों की परेशानी बनी हुई है। चांदी के गहने-सिक्के-बर्तन आदि खरीदते वक्त ग्राहकों को पता नहीं होता कि वह जो सामान खरीद रहे हैं, उनमें चांदी कितने टंच की है। इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की रिपोर्ट के मुताबिक, लोकल ज्वैलर्स से चांदी खरीदते वक्त ग्राहक तो 90 टंच चांदी का पैसा चुकाते हैं, लेकिन उन्हें 40 से 60 टंच की चांदी ही मिलती है।

दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही केंद्र सरकार

ग्राहकों को चांदी की खरीद में ठगी से बचाने के लिए केंद्र सरकार हॉलमार्किंग का दायरा बढ़ाने पर विचार कर रही है। यानी सोने की तरह जल्द ही चांदी के उत्पाद भी हॉलमार्क के साथ बेचे जा सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, अभी इसके तकनीकी पक्ष को देखा जा रहा है। चूंकि चांदी सोना के मुकाबले काफी सस्ती है, इस वजह से चांदी की हॉलमार्किंग की लागत के साथ अन्य पहलुओं पर विचार किया जा रहा है।

शुद्धता की मिलेगी गारंटी

बता दें , एक सर्वे में देखा गया है कि चांदी में 20% से 60% तक मिलावट के मामले सामने आए हैं। 20% से 40% तक की ये मिलावट चांदी के गहने, बर्तनों और मूर्तियों में पाई गई है। गोल्ड की हॉलमार्किंग शुरू होने के पीछे भी यही वजह मानी जाती है। उपभोक्ता मामलों के जानकार अनंत शर्मा ने पत्रिका को बताया कि काफी पहले किए गए एक बीआईएस के सर्वे में जयपुर में 50 प्रतिशत तक सोने के आभूषण मिलावट से युक्त या अमानक पाए गए थे।

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