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ऑफिस आवर्स के बाद भी जेन जी कर रहे ‘सेकेंड शिफ्ट’, मजबूरी या महत्वाकांक्षा?

जेन ज़ी के लिए साइड हसल मजबूरी भी है और महत्वकांक्षा भी। बढ़ती महंगाई, लाइफस्टाइल से जुड़े खर्चे और फाइनेंशियल फ्रीडम के लिए अतिरिक्त कमाई एक जरूरत बन गई है।

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भारत

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Pawan Jayaswal

Jan 28, 2026

gen z

जेन ज़ी मल्टीपल इनकम सोर्सेस में विश्वास करते हैं। (PC: AI)

9 टू 5 की ऑफिस जॉब जेन-ज़ी के लिए काफी नहीं है। वे मल्टीपल इनकम सोर्सेस को लेकर काफी अवेयर हैं। जैसे ही दफ्तरों में फ्राइडे इवनिंग में 'थैंक गॉड इट्स वीकेंड' की गूंज सुनाई देती है, गर्वित अपना लैपटॉप बंद कर देते हैं। एक इंजीनियर के रूप में उनका दिन खत्म हो चुका है। लेकिन एक ग्राफिक डिजाइनर के तौर पर उनका दिन तब शुरू होता है, जब वे घर जाकर इत्मीनान से अपने ऑनलाइन क्लाइंट्स का काम पूरा करने में जुट जाते हैं।

गर्वित कहते हैं, 'मैं आईटी में काम करता हूं। वह मेरा प्राइमरी फोकस है। लेकिन साइड हसल के तौर पर मैं एक ग्राफिक डिजाइनर के रूप में भी काम करता हूं। कॉलेज के दिनों में शुरू हुआ मेरा यह काम आज वित्तीय स्थिरता का मजबूत जरिया बन चुका है। शुरुआत में यह मैं पैसों के लिए नहीं करता था, लेकिन जैसे-जैस मेरी स्किल बढ़ी, मेरी कमाई भी काफी बढ़ने लगी। कई बार मुझे इससे अपनी फुल टाइम नौकरी के बराबर या उससे ज्यादा कमाई हो जाती है।'

अतिरिक्त कमाई की तलाश में क्यों हैं युवा?

गर्वित अकेले नहीं हैं। डेलॉयट ग्लोबल 2025 जेन-Z एंड मिलेनियल सर्वे के मुताबिक, वित्तीय चिंताएं ही इन पीढ़ियों को साइड हसल की ओर सबसे ज्यादा धकेल रही हैं। भले ही इसे ‘पैशन प्रोजेक्ट’ कहा जाए, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि महंगाई और अनिश्चित भविष्य से निपटने के लिए युवा अतिरिक्त कमाई की तलाश में रहते हैं।

सर्वे के अनुसार, 48% Gen Z और 45% मिलेनियल्स अपनी वित्तीय स्थिति को सबसे बड़ा तनाव मानते हैं। ग्रिप इन्वेस्ट के आंकड़े बताते हैं कि 43% Gen Z अतिरिक्त आय और वित्तीय सुरक्षा के लिए साइड हसल को प्राथमिकता देते हैं।

सिर्फ पैसा नहीं, मानसिक संतुष्टि भी

साइड हसल के पीछे डर और महत्वाकांक्षा दोनों काम कर रहे हैं। मुंबई जैसे महंगे शहर में अतिरिक्त कमाई जरूरी है, लेकिन साइड गिग वह मानसिक संतुष्टि भी देता है, जो कॉरपोरेट क्यूबिकल अक्सर नहीं दे पाता। AI के तेजी से बढ़ते दौर में लोग साइड हसल को अपनी स्किल्स को डायवर्सिफाई करने और भविष्य की अनिश्चितताओं से बचाव के तौर पर भी देख रहे हैं। कई जेन ज़ी DINK (डबल इनकम, नो किड्स) लाइफ जीते हैं। घर के खर्च और निवेश सैलरी से चलते हैं, जबकि गिग्स से आने वाला पैसा एन्जॉयमेंट और लाइफस्टाइल के लिए होता है।

साइड इनकम भी हो सकती है स्टेबल

कुछ इंडस्ट्रीज में साइड हसल की कमाई उतनी अनियमित नहीं होती, जितनी आमतौर पर समझी जाती है। कई बार साइड हसल स्टेबल इनकम का जरिया बन जाता है। साइड हसल आज अपस्किलिंग का भी बड़ा माध्यम बन गया है। लोग अपनी अतिरिक्त कमाई से सॉफ्टवेयर और कोर्सेज में निवेश करते हैं। आज का साइड हसल सिर्फ पैसे के बारे में नहीं है, बल्कि पैशन, वित्तीय सुरक्षा और आत्मसंतुष्टि के बारे में भी है। कुछ का कहना है कि साइड हसल उन्हें अपनी फुल-टाइम जॉब में भी बेहतर महसूस कराता है और दोनों मिलकर फाइनेंशियल फ्रीडम के करीब ले जाते हैं।

साइड हसल का सबसे बड़ा खतरा है- अनंत कमाई का भ्रम। जब अतिरिक्त पैसा आने लगता है, तो महंगी लाइफस्टाइल को जायज ठहराना आसान हो जाता है। वित्तीय सलाहकार इसलिए हमेशा “पहले सुरक्षा, फिर खर्च” की सलाह देते हैं।

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