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कोयला परिवहन करने वाली ट्रेनों की स्पीड अब हो जाएगी 100 किमी प्रति घंटा

कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, एम एस एम आई तथा हस्तशिल्प उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। पूर्वी डीएफसीसी में प्रतिदिन 240 मालगाड़ियों की अतिरिक्त क्षमता बढ़ेगी। एक्सप्रेस और यात्री गाड़ियों की समय लागत में कमी आएगी।

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कोयला परिवहन करने वाली ट्रेनों की स्पीड अब हो जाएगी 100 किमी प्रति घंटा

कोयला परिवहन करने वाली ट्रेनों की स्पीड अब हो जाएगी 100 किमी प्रति घंटा

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सोमवार को पूर्वी डेडीकेटेड फ्रेट कॉरीडोर परियोजना के न्यू पंडित दीनदयाल उपाध्याय-भाऊपुर खंड का उद्घाटन किया।
ईस्टर्न कोलफील्ड्स, सेंट्रल कोलफील्ड्स, भारत कोकिंग कोलफील्ड्स और झारखंड तथा पश्चिम बंगाल के नॉर्दर्न कोलफील्ड्स के प्रमुख कोयला खान क्षेत्रों से कोयला परिवहन करने वाली ट्रेनों को तीव्र गति मिलेगी। इस खंड के शुरू होने से उत्तरी भारत के बिजली घरों में निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करने में मदद मिलेगी। साथ ही बिजलीघरों की भंडारण लागत में कमी आएगी। वहीं, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा के इस्पात संयंत्रों से लेकर उत्तरी भारत के उपभोग केंद्रों तक माल ढुलाई में तेजी आने की संभावना है।

100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी मालगाड़ी
इस खंड पर मालगाड़ियों की औसत गति 60 से 70 किमी प्रति घंटा हो जाएगी। जबकि 100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ये गाड़ियां चलायी जा सकेंगी। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत के द्दृष्टिकोण के मद्देनजर राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक स्थानीय उद्योगों की बेहतर पहुंच संभव होगी। इससे कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, एम एस एम आई तथा हस्तशिल्प उद्योगों को प्रोत्साहन मिलेगा। रेलवे के मुताबिक पूर्वी डीएफसीसी प्रतिदिन 240 मालगाड़ियों की अतिरिक्त क्षमता बढ़ेगी तथा एक्सप्रेस और यात्री गाड़ियों की समय लागत में कमी आएगी।