
पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस
पंजाब के स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने बुधवार को कहा कि पंजाब सरकार ने राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा को सत्ता का केंद्र बिंदु बना दिया है। बैंस ने यहाँ पंजाब विधानसभा में प्रश्न काल के दौरान विधायक द्वारा पूछे गये सवाल का जवाब देते हुये बताया कि 16 मार्च, 2022 से पहले पंजाब राज्य में बिना अध्यापक या सिंगल टीचर वाले स्कूलों की संख्या 3500 से अधिक थी, जो अब कम होकर 600 के करीब रह गयी है।
उन्होंने सदन को आश्वासन दिया कि पंजाब देश का पहला राज्य होगा जहाँ राज्य के सभी स्कूलों में 31 मार्च, 2024 तक कोई भी स्कूल बिना अध्यापक या सिंगल टीचर वाला नहीं होगा। उन्होंने बताया कि हमारी सरकार ने देश के महान शहीद भगत सिंह के पैतृक गाँव खटकड़ कलाँ स्कूल का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया है, जिस संबंधी पिछले 70 सालों के दौरान किसी भी पिछली सरकार ने नहीं सोचा।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब के हर एक सरकारी स्कूल में कुछ न कुछ नया निर्माण का काम चल रहा है। उन्होंने बताया कि उनके विधानसभा हलका आनंदपुर साहिब के अधीन आने वाले नानगरां स्कूल को 70 साल बाद चारदीवारी नसीब हुई है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि मौजूदा समय में सरकारी स्कूलों की चारदीवारी के निर्माण के लिए 323 करोड़ रखे गये थे, जिसमें से 290 करोड़ ख़र्च हो गये हैं। अधिक जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य के 7654 स्कूलों में 1300 किलोमीटर की चार दीवारी का काम मुकम्मल हो चुका है, जबकि 10,000 नये कमरे बन रहे हैं। इसके अलावा पंजाब देश का पहला राज्य है जहाँ सिक्योरिटी प्रदान की गई है। इसके अलावा 31 मार्च, 2024 तक पंजाब के सभी स्कूलों में वायी-फायी सिस्टम लग जायेगा।
बैंस ने कहा कि शहीद भगत सिंह के बंगा शहर में जल्द ही करोड़ों रुपये की लागत से शानदार स्कूल ऑफ ऐमिनेंस बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का उद्देश्य मानक शिक्षा को हर एक की पहुँच में लाना है। शिक्षा मंत्री ने बताया कि नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ फ़ैशन टेक्नॉलॉजी से स्कूल ऑफ ऐमिनेंस के विद्यार्थियों की वर्दी डिज़ाइन करवायी गयी है, जिसकी विरोधी पार्टियों के नेताओं द्वारा भी सराहना की जा रही है।
Published on:
30 Nov 2023 01:51 am
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