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हरियाणा: आंगनबाड़ी भर्ती घोटाले में एक दर्जन अधिकारी चार्जशीट

आंगनबाड़ी भर्ती घोटाले में एक दर्जन अधिकारी चार्जशीट, अधिकारियों के जवाब से संतुष्ट नहीं हुई सरकार

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Yuvraj Singh Jadon

Sep 16, 2016

Cm khattar and bhupinder singh hooda

Cm khattar and bhupinder singh hooda

चंडीगढ़। हरियाणा की पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आंगनबाड़ी वर्कर तथा हेल्परों की भर्ती किए जाने में घोटाले का मामला सामने आया है। जिसके चलते प्रदेश सरकार ने उस समय तैनात रहे हरियाणा के एक दर्जन आई.ए.एस. तथा एच.सी.एस. अधिकारियों को चार्जशीट कर दिया है। प्रदेश में यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी तादात में अधिकारियों को चार्जशीट किया गया है। सरकार ने यह कार्रवाई दागी अधिकारियों के जवाब से असंतुष्ट होने के बाद की है।

क्या है पूरा घोटाला
हरियाणा की पूर्व हुड्डा सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2010 के दौरान 401 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता तथा 505 आंगनबाड़ी हेल्परों की भर्ती की थी। सरकार ने इन भर्तियों को अमली रूप देने के लिए जिला स्तर पर अतिरिक्त उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी का गठन किया था। सबसे पहले प्रदेश के सिरसा जिले में हुई भर्तियों को लेकर तत्कालीन एडीसी पंकज चौधरी पर सवाल उठे थे। भाजपा सरकार ने 18 दिसंबर 2015 को पंकज चौधरी को चार्जशीट कर दिया था।

जिन्होंने 12 फरवरी 2016 को अपना जवाब देते हुए सिरसा के साथ-साथ प्रदेश के अन्य जिलों में भी भर्ती घोटाला होने का दावा किया था। जिसके आधार पर सरकार ने सभी जिलों में हुई आंगनबाड़ी भर्तियों में जांच के आदेश जारी किए थे।

अदालत में विचाराधीन हैं कई याचिकाएं
हरियाणा में वर्ष 2010 के दौरान हुई आंगनबाड़ी वर्करों तथा हेल्परों की भर्तियों में हुए कथित घोटाले को लेकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में भी कई याचिकाएं विचाराधीन हैं। 12 जनवरी 2015 को हाईकोर्ट ने सभी जिला उपायुक्तों को इस मामले की जांच के लिए कमेटी का गठन करने तथा जांच रिपोर्ट देने के निर्देश जारी किए थे। अदालत के आदेशों पर बनी कमेटी ने जांच के दौरान इन भर्तियों में कई तरह की खामियों को उजागर करते हुए अपनी रिपोर्ट दी थी।

प्रदेश के 17 जिलों तक पहुंची घोटाले की आंच
आंगनबाड़ी भर्ती घोटाले की जांच के लिए बनाई गई कमेटियों की रिपोर्ट पर अगर गौर किया जाए तो सिरसा से शुरू हुई इस घोटाले की परतें खुलती गई और राज्य के 17 जिलों में अनियमितताएं पाई गई। जिसके आधार पर हरियाणा सरकार ने आठ आई.ए.एस. तथा पांच एचसीएस अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। अधिकारियों द्वारा तय समय सीमा के भीतर दिए गए जवाब से असंतुष्ट रहने पर सरकार ने उन्हें चार्जशीट कर दिया है। प्रदेश के मुख्य सचिव डी.एस. ढेसी ने चार्जशीट किए गए अधिकारियों की सूची राज्य के महाधिवक्ता बी.आर.महाजन को भेज दी है, जो अगली सुनवाई पर इसे हाईकोर्ट में दाखिल करेंगे।

जिन्होंने कार्रवाई की वही दागी
आंगनबाड़ी भर्ती मामले में जांच रिपोर्ट के आधार पर चार्जशीट की पूरी पृष्ठभूमि महिला एवं बाल विकास विभाग में तैयार की गई है। चार्जशीट का पूरा मसौदा इसी विभाग में तैयार किया गया है। वर्तमान में आई.ए.एस अधिकार रेनु एस फुलिया इस विभाग की निदेशक हैं। सरकार द्वारा जिन्हें चार्जशीट किया गया है। उनमें रेनु फुलिया का नाम भी शामिल है।

इन आई.ए.एस. पर हुई कार्रवाई
अधिकारी का नाम- भर्ती के समय तैनाती- वर्तमान तैनाती
आर.एस. खरब - ए.डी.सी. करनाल - निदेशक, प्राथमिक शिक्षा
संजीव वर्मा- ए.डी.सी. पंचकूला - निदेशक, तकनीकी शिक्षा
संजय जून - ए.डी.सी. पलवल - निदेशक, खाद्य आपूर्ति
अनिता यादव - ए.डी.सी. फरीदाबाद- निदेशक, ट्रांसपोर्ट
साकेत कुमार - ए.डी.सी. मेवात - निदेशक, आयुष
मोना ए श्रीनिवास- ए.डी.सी. रेवाड़ी- केंद्र में प्रतिनियुक्ति
डॉ.जे.गणेशन- ए.डी.सी. जींद - मुख्य प्रशासक,कृषि एवं मार्केटिंग बोर्ड
रेनु एस फुलिया- ए.डी.सी. अंबाला - निदेशक,महिलाबाल विकास

इन एच.सी.एस. को किया चार्जशीट
अधिकारी का नाम- भर्ती के समय तैनाती- वर्तमान तैनाती
सुमेधा कटारिया- ए.डी.सी. कुरूक्षेत्र- डी.सी. कुरूक्षेत्र
अशोक गर्ग - ए.डी.सी. हिसार - जोनल प्रशासक,गुडग़ांव
रमेश चंद्र बिधान - ए.डी.सी. कैथल - डी.सी. झज्जर
गीता भारती - ए.डी.सी. यमुनानगर - नियंत्रक,प्रिंटिंग-स्टेशनरी

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