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(चंडीगढ): ब्रिटिश भारत में सौ साल पहले हुए जलियांवाला बाग नरसंहार पर ब्रिटिश सरकार से माफी मंगवाने के लिए पंजाब सरकार केन्द्र सरकार के समक्ष मुद्दा उठाएगी। पंजाब विधानसभा ने बुधवार को यहां सर्व सम्मति से प्रस्ताव पारित कर राज्य सरकार को केन्द्र के समक्ष यह मुद्दा उठाने के लिए अधिकृत कर दिया।
संसदीय कार्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा ने यह प्रस्ताव पेश किया था। ब्रह्म मोहिंदरा ने प्रस्ताव पेश करते हुए कहा कि अमृतसर के जलियांवाला बाग में 13 अप्रेल 1919 को रौलट एक्ट के विरोध में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों पर ब्रिटिश अधिकारी जनरल डायर ने गोलियां चलवाई थी। इस गोलीबारी में 379 निर्दोष लोग मारे गए थे। इसके बाद ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित हंटर कमेटी ने जनरल डायर को दोषी ठहराया गया था।
प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान अकाली दल के सदस्य और पूर्व मंत्री परमिंदर सिंह ढींढसा ने कहा कि सिर्फ सरकारी प्रस्ताव ही पारित कराए जाते है। सदस्यों और खासकर विपक्ष के सदस्यों के प्रस्ताव नामंजूर कर दिए जाते है। आम आदमी पार्टी के सदस्य कुलतार सिंह संदवा ने कहा कि सरकार कोटकपुरा और नकोदर कांड के लिए माफी मांगे। सत्तारूढ कांग्रेस के सदस्य राजकुमार वेरका ने कहा कि जलियांवाला बाग के शहीदों के परिवारों की समस्याएं हल करने के लिए सरकार उनसे वार्ता करे।
Published on:
21 Feb 2019 03:44 pm
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