
ruchika girhotra molestation case
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने रुचिका गिरहोत्रा छेड़छाड़ मामले में हरियाणा के पूर्व डीजीपी एसपीएस राठौड़ की सजा को बरकरार रखा है, लेकिन उन्हें जेल नहीं जाना होगा। कोर्ट ने राठौड़ को राहत देते हुए उनकी डेढ़ साल की सजा कम कर दी जो वह पहले ही जेल में काट चुके हैं।
दरअसल, 1990 में तत्कालीन आईजी स्क्कस् राठौड़ जो हरियाणा टेनिस असोसिएशन के अध्यक्ष भी थे, पर 14 साल की टेनिस खिलाड़ी रुचिका गिरहोत्रा से छेड़छाड़ करने का आरोप लगा था। इस मामले में शिकायत करने पर रुचिका को स्कूल से निकाल दिया गया था। साथ ही रुचिका के परिवार ने राठौड़ के कहने पर हरियाणा पुलिस द्वारा परेशान करने की बात कही थी।
28 दिसंबर, 1993 को रुचिका ने जहर खाकर खुदकुशी कर ली थी। इसी के तहत राठौर के खिलाफ मामला दर्ज हुआ और सरकार ने सीबीआई को जांच सौंप दी थी। 22 दिसंबर 2009 को घटना के 19 साल के बाद चंडीगढ़ कोर्ट ने राठौड़ को धारा 354 आईपीसी (छेड़छाड़) के तहत दोषी करार देते हुए छह महीने की कैद और 1,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी, जिसे हाईकोर्ट ने बढ़ाकर 18 महीने कर दिया था।
Published on:
23 Sept 2016 02:30 pm
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