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पंजाब के लोगों में विटामिन ए और डी की कमी, सरकार करने जा रही ये काम

तंदुरुस्त पंजाब मिशन के अंतर्गत दूध की पौष्टिकता सम्बन्धी एडवाइजरी जारी पौष्टिकृत खाद्य पदार्थों की पहचान के लिए ‘+F’ लोगो किया नोटीफाई

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Milk

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चंडीगढ़। पंजाब (Punjab) के लोगों में पाई जाने वाली विटामिन-ए और विटामिन-डी की कमी (Vitamin A and D deficiency )है। इसे दूर करने के लिए ‘तंदुरुस्त पंजाब मिशन’ (Tandrust Punjab Mission) के अंतर्गत राज्य के सभी दूध प्रोसेसिंग प्लांट्स (Milk Processing Plants) को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्डज़ (फोर्टीफिकेशन ऑफ फूड्स) रेगूलेशन Food Safety and Standards(Fortification of Foods) Regulations, 2016 के अनुसार कार्य करना है। इसके तहत दूध को पौष्टिक बनाने के लिए एक एडवाइजरी जारी की गई है। यह जानकारी तंदुरुस्त पंजाब के मिशन निदेसक सरदार काहन सिंह पन्नू (KS Pannu, Mission Director ,Tandrust Punjab) ने दी।

फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फोर्टीफिकेशन ऑफ फूड्स) रेगूलेशन

श्री पन्नू ने कहा कि भोजन का पौष्टिकरण एक वैज्ञानिक तौर पर प्रमाणित, लाभप्रद, मापदण्डों वाला और टिकाऊ विधि, है जो सूक्ष्म तत्वों की कमी को पूरा करता है। उन्होंने बताया कि अक्तूबर 2016 में, एफ.एस.एस.ए.आई. ने भारत में सूक्ष्म पौष्टिक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए दूध समेत कई खाद्य पदार्थों के पौष्टिकरण के लिए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फोर्टीफिकेशन ऑफ फूड्स) रेगूलेशन, 2016 लागू किया था।

क्या होना चाहिए दूध में

उन्होंने बताया कि पौष्टिकृत खाद्य पदार्थों की पहचान के लिए ‘+F’ लोगो नोटीफाई किया गया है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स (फोर्टीफिकेशन ऑफ फूड्स) रेगूलेशन, 2016 के शेड्यूल-1 के नियमों के अनुसार, दूध (टोन्ड, दोगुणा टोन्ड, सकिम्मड मिल्क या स्टैंडर्डाइज्ड़ मिल्क) का सूक्ष्म पौष्टिक तत्वों के साथ पौष्टिकरण किये जाने की हिदायत जारी की गई है। इन हिदायतों के अनुसार विटामिन-ए 270 माइक्रोग्राम से 450 माइक्रोग्राम और विटामिन-डी 5 माइक्रोग्राम से 7.5 माइक्रोग्राम होना चाहिए।

दूध का पौष्टिक होना जरूरी

मिशन डायरेक्टर ने कहा कि पंजाब के लोग विटामिन-डी और विटामिन-ए की कमी के साथ जूझ रहे हैं, इसके लिए ऐसे सूक्ष्म पौष्टिक तत्वों की कमी को पूरा करने के लिए दूध का पौष्टिकरण करना लाजि़मी है। इसलिए, पैक किये तरल दूध बेचने वाले राज्यों के सभी दूध प्रोसेसिंग प्लांटों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड (फोर्टीफिकेशन ऑफ फूड्स) रेगूलेशन, 2016 के अनुसार दूध का पौष्टिकरण करने की अपील की गई है। उन्होंने कहा कि राज्य के समूह फूड सेफ्टी अधिकारियों को हिदायत की गई है कि वह पैक किये गए तरल दूध की बिक्री करने वाले सभी दूध प्रोसेसिंग प्लांटों के ध्यान में यह मामला लाएं। गौरतलब है कि पंजाब में 50 दूध प्रोसेसिंग प्लांट हैं। अमृतसर जि़ले में सबसे अधिक 14 प्लांट हैं और इसके बाद लुधियाना में 8 प्लांट हैं।