आचार्य महाश्रमण ने रविवार को तमिलनाडु में प्रवेश किया। आंध्रप्रदेश के तडा से तमिलनाडु के आरम्बाक्कम श्रेत्र में उनके पदार्पण के मौके पर....
चेन्नई।आचार्य महाश्रमण ने रविवार को तमिलनाडु में प्रवेश किया। आंध्रप्रदेश के तडा से तमिलनाडु के आरम्बाक्कम श्रेत्र में उनके पदार्पण के मौके पर श्रद्धालु श्रावक श्राविकाओं का हुजूम उमड़ पड़ा। पचास वर्षों बाद तमिलनाडु में तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य का आगमन हो रहा था तो वहीं आचार्य महाश्रमण ने अपनी अहिंसा यात्रा के साथ भारत के १४वें राज्य में प्रवेश किया। तेरापंथ युवक परिषद चेन्नई के तत्वावधान मेंं आचार्य के तमिलनाडु प्रवेश पर जैन ध्वज के बाद युवा साथी वाहन रैली, उसके बाद पंक्तिबद्ध श्रावक समाज जुलूस के रूप में चल रहे थे।
पूर्व घोषित समयानुसार लगभग प्रात: 8.21 बजे आचार्य ने जैसे ही तमिलनाडु की धरती पर पदार्पण किया तो मंगल जयघोष से गगन गूंज उठा और समूचा वातावरण महाश्रमणमय बन गया। भव्य स्वागत जुलूस के साथ आचार्य साधु-साध्वियों संग जब तमिलनाडु की सीमा में विहार कर रहे थे तो यह दृश्य मोहक लग रहा था।
आचार्य ने तिरुवल्लूर जिले के आरम्बाक्कम में स्थित सेंट मैरी मैट्रिक हायर सेकंडरी स्कूल में प्रवेश किया। इस विद्यालय परिसर में श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आचार्य ने कहा कि आज आषाढ़ कृष्णा तृतीया है। आज के ही दिन तेरापंथ धर्मसंघ के आचार्य तुलसी का महाप्रयाण हुआ था। उन्होंने आचार्य तुलसी के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला।
आचार्य महाश्रमण चतुर्मास प्रवास व्यवस्था समिति, चेन्नई के स्वागताध्यक्ष प्यारेलाल पितलिया ने अपने विचार प्रकट किए। चोरडिय़ा सिस्टर्स ने गीत के माध्यम आचार्य की अभिवन्दना की। इस मंगल प्रवेश के अवसर पर महासभा उपाध्यक्ष विनोद लूणिया, अभातेयुप सहमंत्री रमेश डागा, संगठन मंत्री पवन माण्डोत, व्यवस्था समिति के अध्यक्ष धरमचन्द लूंकड़ के साथ पूरे दक्षिण से करीब 4000 श्रद्धालु उपस्थित थे।
साध्वीप्रमुखा ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का दिन तमिलनाडुवासियों के लिए ऐतिहासिक दिन है।
आज आचार्य तुलसी का महाप्रयाण और आचार्य महाश्रमण का तमिलनाडु की धरती पर शुभागमन है। अहिंसा यात्रा प्रवक्ता मुनिकुमारश्रमण ने आचार्य व अहिंसा यात्रा के बारे में लोगों को अवगत कराया। साध्वीवृंद ने गुरुदेव तुलसी के स्मृति में गीत का संगान किया। तमिलनाडु से संबंधित साध्वी सिद्धार्थप्रभा ने आचार्य के अभिनन्दन में अपने भाव व्यक्त किए तो दक्षिण भारत से संबंधित साध्वियों, समणियों और मुमुक्षुओं सामूहिक स्वर में उनकी अभिवन्दना की।
सांसद ने किया स्वागत
तिरुवल्लूर के सांसद डॉ. पी. वेणुगोपाल ने आचार्य महाश्रमण का अपने संसदीय श्रेत्र में स्वागत किया। उन्होंने कहा मैं अणुव्रत के माध्यम से आपको नियमित पढ़ता हूं, तमिलनाडु में आपका स्वागत करता हूं।