अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेषआईएएस का प्रशिक्षण ले रही अंजली मीणा महिलाओं के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करने की इच्छुक- परिवार का सपोर्ट मिले तो महिलाओं की राह आसान
चेन्नई. मसूरी में आईएएस का प्रशिक्षण ले रही अंजली मीणा का कहना है कि मैं महिलाओं के लिए स्वास्थ्य क्षेत्र में काम करना चाहूंगी। वे कहती है, कई बच्चियां स्कूल छोड़ देती हैं। उनकी पढ़ाई नियमित हो इस दिशा में काम किया जाएगा। खुद का मोटिवेट होना जरूरी है। यदि धैर्य रखा जाएं तो सब कुछ हासिल किया जा सकता है। साथ ही यदि परिवार का सपोर्ट मिलता है तो राह आसान हो जाती है।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर राजस्थान पत्रिका के साथ विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि आज महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही है। महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि वे किसी से कम नहीं है। आज की महिलाएं अधिक आत्मविश्वासी व मेहनती है। अंजली मीणा मूल रूप से राजस्थान के दौसा जिले के सिकराय तहसील के खेड़ी रामला गांव की रहने वाली है।
सामाजिक सेवा के लिए चुनी प्रशासनिक सेवा
अंजली मीणा कहती हैं, मैंने मुम्बई में एक निजी कंपनी में कार्य किया। लेकिन मुझे लगा कि निजी क्षेत्र में पैसे तो कमा सकते हैं लेकिन सामाजिक सेवा का दायरा प्रशासनिक सेवाओं के माध्यम से अधिक बेहतर तरीके से किया जा सकता है। चूंकि मेरे पिता रमेश चन्द मीणा तमिलनाडु कॉडर के 1991 बैच के आईएएस अधिकारी है। उनके काम को मैंने नजदीक से देखा है। इसके बाद मैंने भी सिविल सेवा की तैयारी शुरू कर दी। 2019 बैच में मुझे 494 रैंक मिली और मुझे आईएएस मिला। मुझे मध्यप्रदेश कॉडर अलौट किया गया है। मसूरी में फाउण्डेशन कोर्स पूरा हो चुका है।
जर्मनी में भी कर चुकी पढ़ाई
अंजली मीणा ने दसवीं की पढ़ाई पदमश्री शेषाद्रि स्कूल चेन्नई से की। इसके बाद इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए कोटा चली गई। वर्ष 2016 में आईआईटी मद्रास से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग मे बीटेक व एमटेक किया। इस बीच एक साल जर्मनी में स्कॉलरशिप के जरिए पढ़ाई की। इसके बाद आईआईएम अहमदाबाद में दाखिला लिया। लेकिन इस दौरान ही आईएएस में चयन हो गया। साथ ही कैट की परीक्षा की क्लीयर की। अंजली मीणा को नृत्य, स्केचिंग व तैराकी का शौक भी रहा है। अंजली की बड़ी बहन अनामिका मीणा का भी उनके साथ ही आईएएस में चयन हुआ है।