भाजपा का वोट प्रतिशत सुधरा…मगर ‘तमिलनाडु’ अभी भी दूर<b>चेन्नई. </b>भाजपा सहयोगी दलों के साथ मिलकर केंद्र में सरकार बनाने की जुगत में है, लेकिन तमिलनाडु से लोकसभा सीट जीतने का उसका सपना इस चुनाव में भी पूरा नहीं हुआ।अंतिम बार उसे 2014 में कन्याकुमारी से जीत मिली थी। इस आम चुनाव में उसका लक्ष्य वोट प्रतिशत बढ़ाना था, जिसमें एक हद तक वह कामयाब रही। जहां तक सीट जीतने की बात उसके लिए दूर की कौड़ी साबित हुई। तमिलनाडु में लोकसभा चुनाव 2024 चार धड़ों में लड़ा गया, जिसमें नाम तमिलर कच्ची (एनटीके ) सीटों की दौड़ में नहीं थी। एनटीके नेता सीमॉन अकेले ही पिछले कुछ चुनावों से बिना किसी गठबंधन के पार्टी को स्थायीत्व प्रदान करने में लगे हैं। इस बार उनका सपना पूरा भी हुआ है। वे सिंगल मैन आर्मी की तरह चुनाव प्रचार में जुटे रहे। उनकी पार्टी को 8.10% वोट मिले हैं। इससे उनको राज्य की पार्टी के रूप में चुनाव आयोग से मान्यता मिल जाएगी।<b>इंडिया गठबंधन की मजबूती</b><b>CM </b>एमके स्टालिन ने पिछले चुनावों का फॉर्मूला अपनाते हुए राज्य में द्रमुक नीत गठबंधन को बनाए रखा जो ऐतिहासिक जीत का कारण बना। आम चुनाव 2019 में 39 में से केवल तेनी की सीट कांग्रेस जीत नहीं सकी थी लेकिन इस बार में गठबंधन के किसी भी सहयोगी दल ने कोई सीट नहीं गंवाई। जमीनी स्तर पर भी इंडिया गठबंधन के कार्यकर्ताओं में अच्छा तालमेल नजर आया। स्टार प्रचारक के रूप में स्टालिन की रैलियों ने माहौल बनाया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैलियों में भी लाखों लोग उमड़े, जो अंत में वोट में परिणीत हुए। इस तरह सात दलों वाले इस गठबंधन ने सभी 39 सीटें अपने नाम करते हुए कुल 46.97% वोट यानी 2 करोड़ 04 लाख 86 हजार 693 वोट प्राप्त किए।<b>11 सीटों </b><b>पर भाजपा दूसरे स्थान पर</b><b></b><b>तमिलनाडु </b>में हुए लोकसभा चुनाव में बीजेपी 11 सीटों पर एआईएडीएमके को पछाड़ते हुए दूसरे स्थान पर रही। कुछ महीनों पहले तक एक ही गठबंधन से लड़ने वाली दोनों पार्टियों में वर्चस्व की लड़ाई थी कि राज्य में कौन बड़ी पार्टी है। हालांकि, दोनों दल सभी चुनाव क्षेत्रों में हार गए हैं। 28 सीटों में से एआईएडीएमके गठबंधन के प्रत्याशी दूसरे स्थान पर रहे। वहीं, शेष पर भाजपा उमीदवार ने वह स्थान प्राप्त किया। भाजपा चेन्नई सेंट्रल, चेन्नई दक्षिण, कोयबत्तूर, कन्याकुमारी, मदुरै, नीलगिरि, रामनाथपुरम, तिरुनेलवेली, वेलूर, धर्मपुरी और तेनी में दूसरे स्थान पर रही।
भाजपा सहयोगी दलों के साथ मिलकर केंद्र में सरकार बनाने की जुगत में है, लेकिन तमिलनाडु से लोकसभा सीट जीतने का उसका सपना इस चुनाव में भी पूरा नहीं हुआ।