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ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने संपत्ति कर के रूप में 1800 करोड़ रुपए संग्रहित किया

- पिछले वर्ष की तुलना में 227.20 करोड़ रुपए अधिक वसूली

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ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने संपत्ति कर के रूप में 1800 करोड़ रुपए संग्रहित किया

ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन ने संपत्ति कर के रूप में 1800 करोड़ रुपए संग्रहित किया

चेन्नई.

संपत्ति कर ग्रेटर चेन्नई कॉर्पोरेशन (जीसीसी) के राजस्व का सबसे बड़ा स्रोत है और जीसीसी ने पिछले वित्तीय वर्ष 2023-24 में संपत्ति कर के रूप में 1,800 करोड़ रुपए एकत्र किए हैं। निगम अधिकारियों ने बताया कि यह पिछले वित्तीय वर्ष से 227.20 करोड़ रुपए अधिक है। इस बीच, निगम ने यह भी घोषणा की है कि जिन लोगों ने अभी तक संपत्ति कर का भुगतान नहीं किया है, वे 30 अप्र्रेल तक भुगतान कर सकते हैं और 5 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि प्राप्त कर सकते हैं। निगम ने कहा कि यदि चालू छमाही के लिए संपत्ति कर का भुगतान 30 अप्रेल तक किया जाता है, तो संपत्ति मालिकों को 5 प्रतिशत की छूट दी जाएगी जो अधिकतम 5,000 रुपए तक होगा। साथ ही यह घोषणा की है कि 30 अप्र्रेल के बाद चुकाए गए संपत्ति कर पर 1 प्रतिशत जुर्माना लगाया जाएगा।

सिफ मार्च में 600 करोड़ रुपए का कलेक्शन
नगर निगम में 13 लाख से अधिक गृह मालिक हर छह महीने अप्रेल और अक्टूबर में संपत्ति कर का भुगतान करते हैं। पिछले वित्तीय वर्ष में निगम ने 1700 करोड़ रुपए संपत्ति कर वसूलने का लक्ष्य रखा था। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए निगम के कर संग्रहकर्ता पिछले एक माह से घर-घर जाकर कर वसूली कर रहे हैं। निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि निगम ने निवासी सोसायटी की मदद से विशेष कर संग्रहण शिविर भी सक्रिय रूप से आयोजित किए।

चुनाव कार्य जारी रहने के बावजूद निगम सक्रियता से संपत्ति कर वसूली का काम कर रहा था। इसके कारण फरवरी महीने तक कर संग्रह 1,200 करोड़ रुपए था, लेकिन सिर्फ मार्च में यह 6,00 करोड़ रुपए की वूसली की गई। एक अन्य अधिकारी ने बताया कि संपत्ति कर से ही जीसीसी लोगों के लिए बुनियादी ढांचा, स्वच्छता कार्य, ठोस अपशिष्ट निपटान, स्ट्रीट लाइटिंग, पार्क और सडक़ रखरखाव, सार्वजनिक स्वास्थ्य और बीमारी रोकथाम कार्य जैसे आवश्यक कार्य करता है।