चेन्नई

पीडीएस दुकानों में नुकसान, सेल्समैनों पर 11 लाख का जुर्माना

पीडीएस स्टॉक का नुकसान बढ़ा

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Damage of PDS stock rises

तिरुपुर जिले में पीडीएस की दुकानें चलाने वाले तमिलनाडु नागरिक आपूर्ति निगम के कर्मचारियों के लिए स्टॉक की कमी और वस्तुओं की क्षति जारी है। पीडीएस दुकानों में नुकसान व क्षति के लिए कर्मचारियों पर वसूले जाने वाले जुर्माने की राशि में हर साल इजाफा होता रहता है। विभाग ने 2021 में सेल्समैनों पर 11 लाख रुपए का जुर्माना लगाया, जो इस साल (अक्टूबर तक) बढ़कर 16 लाख रुपए हो गया। टीएनसीएससी के अधिकारियों द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, तिरुपुर जिले में 1,163 पीडीएस दुकानें हैं, जिनमें 836 पूर्णकालिक सेल्समैन और 399 पार्ट-टाइम सेल्समैन कार्यरत हैं। स्टॉक और इन्वेंट्री मिसमैच नुकसान के लिए विभाग उन पर जुर्माना लगाता है।
नल्लूर कंज्यूमर वेलफेयर काउंसिल के अध्यक्ष शनमुगा सुंदरम ने कहा, पीडीएस दुकानों के ज्यादातर सेल्स पर्सन उनके काम को गंभीरता से नहीं लेते हैं। इसके अलावा यदि कार्डधारक स्टोर रूम में जाने का प्रबंधन करता है, तो उसे चावल और गेहूं के कम से कम चार या पांच बोरे फटे हुए मिलेंगे। मुझे नहीं पता कि इन नुकसानों का हिसाब कैसे लगाया जाता है, यह ध्यान रखना चाहिए कि यह न केवल जनता को प्रभावित करता है, बल्कि सरकार को भी प्रभावित करता है जो इन्हें उच्च लागत पर खरीदती है और इसे गरीबों को रियायती दरों पर वितरित करती है।
पीडीएस की इमारतें पुरानी
पीडीएस दुकान के एक सेल्समैन ने कहा, हमें अकेले दोषी नहीं ठहराया जाना चाहिए। कई इमारतें जहां पीडीएस की दुकानें हैं, पुरानी और जीर्ण-शीर्ण हैं। लेकिन बैगों की टूट-फूट से संबंधित मुद्दों को पूरी तरह से हम पर दोष दिया जाता है। सीटू-कोऑपरेटिव सोसाइटी वर्कर्स यूनियन (तिरुप्पुर) के अध्यक्ष पी गौतमन ने कहा, बिक्री करने वालों को कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गोदामों से लाए जाने वाले बारदानों की स्थिति अधिकांशत: खराब पाई जाती है। ऐसे में बोरियों से चावल और गेहूं का रिसाव उनके लिए बड़ी समस्या बन गया है।

Published on:
12 Nov 2022 09:00 pm
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