तमिलनाडु ने इस साल जनवरी से सितंबर के बीच पूरे देश में बेचे गए कुल 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों (Ev vehicles) में से चार लाख यानी करीब 40 प्रतिशत की बिक्री की है। यह सरकार द्वारा इस क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के कदमों को दर्शाता है।
तमिलनाडु देश में इलेक्ट्रिक वाहनों (Ev vehicles) का केंद्र बनने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस साल जनवरी से सितंबर के बीच पूरे देश में बेचे गए कुल 10 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों (Ev vehicles) में से चार लाख यानी करीब 40 प्रतिशत की बिक्री तमिलनाडु में हुई है। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो सरकार द्वारा इस क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के कदमों को दर्शाता है।
वर्ष 2025 तक ईवी (Ev vehicles) विनिर्माण में 50,000 करोड़ रुपए से अधिक के निवेश की उम्मीद है, जिससे 1.50 लाख नौकरियों का सृजन होगा। ईवी की बिक्री में उछाल से उत्साहित सरकार ने कहा है कि उसका लक्ष्य 2030 तक देश में बिकने वाले सभी इलेक्ट्रिक वाहनों में से 30 प्रतिशत का निर्माण करना और वैश्विक निर्यात में महत्वपूर्ण योगदान देना है।
राज्य सरकार ने ईवी (Ev vehicles) खरीदारों को सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन देने के लिए कई कदम उठाए हैं। इसके अलावा, तमिलनाडु में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। इन कारकों ने ईवी की बिक्री में उछाल को बढ़ावा दिया है।
तमिलनाडु के अलावा, महाराष्ट्र और कर्नाटक भी इलेक्ट्रिक वाहनों (Ev vehicles) के लिए प्रमुख बाजार हैं। इन दोनों राज्यों ने भी ईवी खरीदारों को सब्सिडी और अन्य प्रोत्साहन देने के लिए कदम उठाए हैं।
हालांकि, तमिलनाडु में ईवी (Ev vehicles) की बिक्री इन दोनों राज्यों से अधिक है। यह तमिलनाडु में ईवी के लिए सरकार के मजबूत समर्थन और राज्य में ईवी चार्जिंग स्टेशनों की बढ़ती संख्या को दर्शाता है।
Tamil Nadu is rapidly moving towards becoming the hub of electric vehicles in the country.