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तमिलनाडु शिक्षा प्रणाली के उत्थान के लिए फिनलैंड जाएंगे विशेषज्ञ

तमिलनाडु शिक्षा प्रणाली के उत्थान के लिए विशेषज्ञों का एक दल फिनलैंड भेजा जाएगा।

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चेन्नई. तमिलनाडु शिक्षा प्रणाली के उत्थान के लिए विशेषज्ञों का एक दल फिनलैंड भेजा जाएगा। राज्य के शिक्षामंत्री के.ए. सेंगोट्टेयन ने बताया कि विशेषज्ञों का यह दल वहां की शिक्षा प्रणाली का अध्ययन-विश्लेषण करेगा। गौरतलब है कि बुधवार को उन्होंने फिनलैंड दौरे से लौटे सरकारी स्कूल के 50 विद्यार्थियों से मुलाकात की थी। इसके बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि 3 करोड़ रुपए का बजट आबंटित कर राज्य के विद्यार्थियों को मलेशिया, कनाडा एवं सिंगापुर के शैक्षणिक दौरे पर भेजे जाने की योजना है। उन्होंने कहा कि देश को 10 लाख ऑडिटरों की जरूरत है लेकिन वर्तमान में केवल ढाई लाख ऑडिटरों से ही काम चलाना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए हाई स्कूल के 5 हजार विद्यार्थियों को सीए की जगह ऑडिटर बनने का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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पोलियो दवा की कमी नहीं है राज्य में : स्वास्थ्य सचिव
चेन्नई. तमिलनाडु में हर वर्ष जनवरी महिने में होने वाले पल्स पोलियो अभियान का पहला चरण इस बार अपुष्ट कारणों से नहीं हो सका। ऐसे में स्वास्थ्य सचिव जे. राधाकृष्णन का कहना है कि तमिलनाडु में पोलियो खुराक की कमी नहीं है।
देशभर में पोलियो मुक्त भारत अभियान के तहत जनवरी और फरवरी महिने में पोलियो खुराक पांच साल तक के बच्चों को पिलाई जाती है। तमिलनाडु में पल्स टीकाकरण शिविर जनवरी में नहीं हुआ। फिर तीन फरवरी की तारीख तय की गई जिसे भी स्थगित कर दिया गया।
पल्स पोलियो टीकाकरण कार्यक्रम को टालने की वजह को लेकर सोशल मीडिया पर यह खबर वायरल हो गई कि पोलियो खुराक की राज्य में कमी है। स्वास्थ्य सचिव जे. राधाकृष्णन ने इस खबर का खण्डन करते हुए मीडिया को बताया कि इस कार्यक्रम को लेकर धनाभाव की खबर गलत है। देशभर में पल्स पोलियो कार्यक्रम पर काम हो रहा है। तमिलनाडु में दवा की कमी नहीं है।