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पांच अफसरों को ईडी के भेजे गए समन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के पांच जिला कलक्टरों को जारी किए गए समन पर रोक लगा दी, जिसमें उन्हें अपने आधार कार्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और उनके जिलों की रेत खदानों के संबंध में विवरण जमा कराने को कहा गया था। हालांकि कोर्ट ने रेत घोटाले की जांच पर रोक नहीं लगाई।

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पांच अफसरों को ईडी के भेजे गए समन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

पांच अफसरों को ईडी के भेजे गए समन पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

मद्रास उच्च न्यायालय ने मंगलवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के तमिलनाडु के पांच जिला कलक्टरों को 17 नवंबर को जारी किए गए समन पर रोक लगा दी, जिसमें उन्हें अपने आधार कार्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने और उनके जिलों की रेत खदानों के संबंध में विवरण जमा कराने को कहा गया था।

तीन हफ्ते की अंतरिम रोक

न्यायाधीश एस.एस. सुंदर और जज सुंदर मोहन ने राज्य सरकार और कलक्टरों की ओर से संयुक्त रूप से दायर रिट याचिकाओं पर सुनवाई के बाद मंगलवार तक के लिए आदेश सुरक्षित कर लिया था। न्यायिक पीठ ने जारी आदेश में ईडी समन पर तीन हफ्ते की अंतरिम रोक लगा दी। सरकार की ओर से दायर याचिका में समन के साथ-साथ राज्य सरकार की सहमति के बिना ऐसे अपराधों की जांच को लेकर ईडी के अधिकार को चुनौती दी गई थी।

रोक केवल समन पर

न्यायाधीशों ने यह स्पष्ट कर दिया कि वे जांच पर रोक नहीं लगा रहे हैं, जबकि सरकार ने ईडी की प्रवर्तन मामला सूचना रिपोर्ट (ईसीआईआर) के पंजीकरण के अनुसार आगे की सभी कार्यवाही पर रोक की मांग की थी। यह अंतरिम रोक केवल समन तक सीमित है।

न्यायिक पीठ ने कहा, ईडी आशंकित बड़े अपराध की खोज में लगी है और जारी किए गए समन इसी अवैध रेत खनन और उससे हुई आय की क्षति का पता लगाने का किया गया त्वरित प्रयास लगता है। हालांकि हम प्रथम दृष्टया आश्वस्त हैं कि समन ईडी के अधिकार क्षेत्र में नहीं है।

यह है मामला

ईडी ने अरियलरू, करूर, वेलूर, तंजावुर और तिरुचि जिलों के कलक्टरों को समन भेजा था कि वे अपने जिलों में अवैध रेत खनन को लेकर स्थिति बताएं। पांच कलक्टरों की ओर से लोक विभाग के सचिव के. नंदकुमार ने अपील दायर की थी। सरकार का तर्क था कि ईडी ने जांच की आड़ में जिला कलक्टरों को समन जारी करने की एक व्यापक और मनमानी प्रथा शुरू कर दी है जबकि यह उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। ईडी के पास ऐसी बेलगाम शक्तियां नहीं हैं और कलक्टरों को उसका समन संघवाद की भावना के खिलाफ है।

ईडी ने सोमवार को हुई सुनवाई में कहा था कि पूरे तमिलनाडु में 28 खदानों में किए गए परीक्षण में 27.70 लाख यूनिट अवैध रेत खनन का पता चला है जिससे 4,500 करोड़ रुपए का अवैध धन का लेनदेन हुआ है। ईडी ने सवाल किया था कि सरकार इस मामले में लिप्त लोगों को बचाने की कोशिश क्यों कर रही है? दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायिक पीठ ने आदेश सुरक्षित कर लिया था।