
चेन्नई.
कोरटूर के अण्णा नगर वेस्ट एक्सटेंशन में मंगलवार देर शाम विल्लुपुरम से आई ऑरोविल पुलिस ने एक हिस्ट्रीशीटर बदमाश को एनकाउंटर में मार गिराया। बदमाश की पहचान मणिकंडन उर्फ दादामणि के तौर पर हुई है। उसे उस वक्त मार गिराया गया जब उसने पुलिस उपनिरीक्षक पर चाकू से हमला कर भागने की कोशिश कर रहा था।
हमले में पुलिस उपनिरीक्षक प्रभू घायल हुए हैं जिनको अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एनकाउंटर मंगलवार शाम करीब 7.30 बजे हुआ। दादामणि मूल रूप से विल्लुपुरम के कुयलापालयम के वण्णूर तालुक का रहने वाला था।
पुलिस ने दादामणि के पास से एक धारदार चाकू बरामद किया है। दादामणि की वर्ष २०१८ से हत्या के मामले में तलाश थी। उस पर हत्या, लूट और चोरी के करीब 27 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं।
कोरटूर पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार विल्लुपुरम के ऑरोविल पुलिस को दादामणि की तलाश थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि दादामणि चेन्नई में कोरटूर के अण्णा नगर वेस्ट एक्सटेंशन की फोर्थ स्ट्रीट में छिपकर बैठा है। जानकारी मिलते ही ऑरोविल पुलिस की सात सदस्यीय टीम मौके पर पहुंची जिसमें एक पुलिस निरीक्षक और दो उपनिरीक्षक समेत सात पुलिसकर्मी शामिल थे।
पुलिस टीम ने दादामणि के घर को चारों ओर से घेर लिया और उसे सरेंडर करने को कहा। पुलिस उप निरीक्षक प्रभू ने उसे पकडऩे की कोशिश की लेकिन दादामणि ने उस पर चाकू से हमला कर दिया और भागने का प्रयास करने लगा। जवाबी फायरिंग में दूसरे पुलिस उपनिरीक्षक प्रकाश ने फायरिंग की तो उसे दो गोलियां लगी और वह लहूलुहान होकर गिर पड़ा। उसके शरीर पर दो घाव के निशान हैं।
लूट, हत्या और चोरी के करीब 27 मुकदमे दर्ज
पुलिस ने बताया कि दादामणि बहुत ही कुख्यात बदमाश था। दिन पर दिन उसका नेटवर्क बढ़ता ही जा रहा था। वर्ष २०१८ मेंउसने रिलायंस बाबू नामक व्यक्ति की हत्या कर दी थी। उसके बाद से उसकी तलाश और तेज कर दी गई लेकिन वह हमेशा पुलिस को चकमा देकर फरार हो जाता था। उसके खिलाफ कई वारंट भी जारी हुए थे।
पुलिस के अनुसार उस पर विल्लुपुरम में लूट, हत्या और चोरी के करीब 27 मुकदमे दर्ज थे।
घर पर किया एनकाउंटर
पुलिस ने जब दादामणि को घेरा तब वह अपने ही घर में था। वहां पत्नी और बच्चे भी थे। वह करीब २० दिन पहले ही उनसे मिलने आया था और वहीं रह रहा था। यहां वह महानगर पुलिस से बच-बचाव करके रह रहा था।
महानगर पुलिस एक बार फिर विल्लुपुरम पुलिस से मात खा गई। विल्लुपुरम की ऑरोविल पुलिस ने दादामणि को ढेर कर महानगर पुलिस को आइना दिखाया है। इससे पूर्व भी महानगर पुलिस कुख्यात अपराधियों को मौत के घाट उतार चुकी है।
2003 में अपराध की दुनिया में रखा था कदम
दादामणि ने वर्ष 200३ में अपराध की दुनिया में कदम रखा था और उस दौरान उसने यासीन (चावल वाले) की हत्या कर दी थी। उस पर विल्लुपुरम के ऑरोविल, जिंजी, मयलम, कोटाकुप्पम, तिरुकोइलूर, किलियनूर और तिरुवण्णामलै जिले में भी आपराधिक मामले दर्ज थे। वह लगातार अपराध के दलदल में कदम रखता चला गया। अकेले ऑरोविल में ही उस पर करीब २० मुकदमें लूट, हत्या की कोशिश, चोरी आदि के दर्ज थे।
Published on:
25 Sept 2019 02:43 pm

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