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109 दिनों तक एकमो एवं वेंटीलेटर पर रह कर दिया कोरोना को मात

जीवन रक्षक प्रक्रिया बना इसीएमओ

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109 दिनों तक एकमो एवं वेंटीलेटर पर रह कर दिया कोरोना को मात

109 दिनों तक एकमो एवं वेंटीलेटर पर रह कर दिया कोरोना को मात,109 दिनों तक एकमो एवं वेंटीलेटर पर रह कर दिया कोरोना को मात,109 दिनों तक एकमो एवं वेंटीलेटर पर रह कर दिया कोरोना को मात

चेन्नई.

एक कोरोना संक्रमित व्यक्ति ने 109 दिनों तक एकमो (इसीएमओ) एवं वेंटीलेटर पर रहकर कोरोना को मात दी है। भारत में यह सबसे अधिक दिनों तक कोरोना संक्रमण के बाद उससे उबरने का मामला है। इस रोगी को फेफड़ा प्रत्यारोपण की जरूरत नहीं पड़ी। रेला हास्पिटल ने यहां आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में इसकी घोषणा की। हास्पिटल के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक प्रो.मोहम्मद रेला ने कहा कि यह स्वास्थ्य के क्षेत्र में उत्कृष्टता से हो पाया है। चेन्नई के 56 वर्षीय मुदिजा को 19 अगस्त को हास्पिटल से छुट्टी दे दी गई। यह एक चमत्कार की तरह है। देश भर में कोई भी इतने दिनों तक संक्रमित रहने के बाद बिना लंग ट्रांसप्लांट के नहीं बच सका है। इस रोगी के लिए वी-वी एकमो ( एक्सट्रा कोरपोरियल मेम्ब्रेन आक्सीजेनेशन) आर्टिफिशियल लंग पद्धति चुनी गई। शुरुआती 4 से 5 सप्ताह तक उनमें न्यूनतम सुधार हुआ। उन्होंने बताया कि एकमो का उपयोग तब तक के लिए किया जाता है जब तक फेफड़ा प्रत्यारोपण न हो जाएं। लेकिन हमारी टीम ने इसे जीवन रक्षक प्रक्रिया बनाया। गंभीर रोगियों के लिए यह जीने का बेहतर अवसर मुहैया कराता है और वे सामान्य जीवन जीना शुरू करते हैं। इस मामले में 50 दिनों के बाद चमत्कार देखा गया और मुदिजा की स्थिति धीरे धीरे बेहतर होने लगी। फेफड़े की स्थिति बेहतर होने के बाद धीरे धीरे एकमो सपोर्ट हटाया जाने लगा। 62 दिन के बाद उसे पूरी तरह से ईसीएमओ से हटा लिया गया। उसे ट्रैकिओटोमी के साथ न्यूनतम वेंटीलेटर सपोर्ट पर रखा गया। 29 जुलाई को उसे वेंटीलेटर से हटा दिया गया। शीघ्र ही रोगी बैठने, घूमने एवं नियमित रूप से सामान्य भोजन करने लगा।

प्रो.रेला ने कहा कि तीसरी लहर आने वाली है। कई लोगों ने अब तक टीका नहीं लिया है। ऐसे में ईसीएमओ मशीन एक महत्वपूर्ण यंत्र के रूप में सामने आया है जिस पर हेल्थकेयर कम्युनिटी निर्भर रह सकता है। इससे अन्य जीवन जोखिम वाली बीमारियों का भी इलाज होगा।