
अटल बिहारी वाजपेयी की तमिलनाडु की यादें:
अटल बिहारी वाजपेयी का तमिलनाडु से खास लगाव रहा। वे कई अवसरों पर तमिलनाडु आए। जब प्रधानंत्री बने तब भी कई मौकों पर उनका तमिलनाडु आना हुआ और इससे पहले भी वे कई अवसरों पर तमिलनाडु आते रहे।
पचास साल पहले आए थे अग्रवाल सभा
श्री अग्रवाल सभा चेन्नई के अध्यक्ष इन्द्रराज बंसल ने बताया कि 25 दिसम्बर 1967 को अटल बिहारी वाजपेयी दीनदयाल उपाध्याय के साथ केरल में जनसंघ के अधिवेशन में शामिल होने के लिए जा रहे थे, तब चेन्नई में अग्रवाल सभा में रुके थे। यहां उन्होंने अग्रवाल सभा के वर्ष 1958-59 से चल रहे पुस्तकालय का अवलोकन किया था।
जयगोपाल गरोडिया का किया था सम्मान
जयगोपाल गरोडिया विवेकानन्द विद्यालय ट्रस्ट के प्रबंध न्यासी अशोक केडिया ने बताया कि जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे तब वे जयगोपाल गरोडिया के वेस्ट माम्बलम विद्यालय के सिल्वर जुबली समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में आए थे। यह समारोह वालाजाह रोड पर तब चिल्ड्रन्स थियेटर में आयोजित किया गया था। इस कार्यक्रम में शिक्षाविद जयगोपाल गरोडिया का विशेष सम्मान किया गया था।
सरल स्वभाव के धनी थे
अखिल भारतीय राजस्थानी प्रवासी महासंघ के सह सचिव पारस जैन ने बताया कि वे सबसे पहले 1990 में माउंट आबू में ब्रह्मकुमारी विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में अटल बिहारी वाजपेयी से मिले थे। उनका व्यवहार बहुत ही मधुर एवं स्नेहिल था। बड़प्पन बिल्कुल नहीं था। सादगी वाले ऐसे व्यक्ति बिरला ही होते हैं। बाद में सिरोही में आदर्श विद्या मंदिर के उद्घाटन समारोह में भी वाजपेयी से भेंट हुई। वे बताते हैं कि उन्हीं के गांव जावाल निवासी मूक-बधिर शांतिलाल सुथार ने भारत माता की मू्र्ति बानाई थी जिसे उनके निवेदन पर वाजपेयी ने उस मूर्ति को सहर्ष स्वीकार किया था।
उन्होंने इतिहास बनाया
दक्षिण भारत हिंदी प्रचार सभा मद्रास चेन्नई के अध्यक्ष सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिवराज पाटिल ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी के निधन से देश ने एक महान राजनेता, एक सच्चा एवं संवेदनशील राजनीतिज्ञ, एक महान कवि, प्रखर वक्ता, और इन सबसे ऊपर एक महान व्यक्ति खो दिया है। कुछ लोग इतिहास के हिस्सा होते हैं और कुछ लोग इतिहास का निर्माण करते हैं। उन्होंने एक इतिहास बनाया।
Published on:
18 Aug 2018, 10:52 AM IST
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