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मंत्री पीके शेखर बाबू ने कहा- उत्तर भारतीय द्रविडयन की वजह से हो रहे हैं अमीर लेकिन बीजेपी को करते हैं वोट

उन्होंने बुधवार को राज्य में रह रहे उत्तर भारतीयों पर भारतीय जनता पार्टी को वोट देकर धोखा देने का आरोप लगाया है।

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Minister PK Sekar Babu says North Indians in Tamil Nadu getting richer due to DMK but voting for BJP in polls

Minister PK Sekar Babu says North Indians in Tamil Nadu getting richer due to DMK but voting for BJP in polls

चेन्नई.

तमिलनाडु में डीएमके को सत्ता में आए एक महीने से भी कम समय हुआ है और उनका एक मंत्री विभाजनकारी टिप्पणी से विवादों में घिर गया है। तमिलनाडु हिंदू धार्मिक एवं धर्मार्थ (एचआर एंड सीई) मंत्री पीके शेखर बाबू ने एक बयान दिया है जिसकी हर तरफ चर्चा हो रही है। उन्होंने बुधवार को राज्य में रह रहे उत्तर भारतीयों पर भारतीय जनता पार्टी को वोट देकर धोखा देने का आरोप लगाया है। उन्होंने बुधवार को राज्य में रह रहे उत्तर भारतीयों पर भारतीय जनता पार्टी को वोट देकर धोखा देने का आरोप लगाया है।

उन्होंने कहा,'' मैं उत्तर भारतीयों को अमीर होते हुए देख रहा हूं। यह बीजेपी की वजह से नहीं बल्कि द्रविडयन की वजह से है। मगर आप हमारे लिए नहीं बल्कि बीजेपी के लिए वोट कर रहे हैं। आप कहते हैं कि आपने हमारे लिए वोट दिया लेकिन आप धोखा देते हैं। पहले मतपत्र से वोट होता था लेकिन अब अगर हम बटन दबाते हैं, तो यह दिखाएगा कि आपने किसे वोट दिया।

मंत्री पीके शेखर बाबू ने बयान के साथ ही यह भी सलाह दी कि गुनहगारों पर पार्टी द्वारा अधिक एहसान कर उन्हें शर्म महसूस करवाना चाहिए। उन्होंने कहा, अगर दूसरे आपको नुकसान पहुंचाते हैं, तो उनका अच्छा करें, ताकि वे अपनी गलतियों को स्वीकार कर शर्मिंदा हों।

पीके शेखर बाबू की टिप्पणी को दो दशकों के बाद तमिलनाडु विधानसभा में भाजपा के विधायकों के प्रवेश के संदर्भ में देखा जा सकता है। पीके शेखर बाबू पहले एआईएडीएमके पार्टी से जुड़े थे और 2011 में डीएमके में शामिल हो गए थे। इस बार डीएमके ने कांग्रेस के साथ गठबंधन में चुनाव लड़ा, जबकि एआईएडीएमके ने भाजपा के साथ तमिलनाडु विधानसभा चुनाव लड़ा। यहां यह उल्लेख करना उचित होगा कि भाजपा ने हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनावों में 20 वर्षों के बाद चार सीटें जीती हैं। इसने 2001 में चार सीटें जीती थीं, लेकिन 2006, 2011 और 2016 के विधानसभा चुनावों में एक भी सीट पर जीत नहीं मिली।