ब्यावर में सेठ पारसमल पिस्ताबाई खेतपालिया के जीवित महोत्सव के लिए ब्यावर नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया। हजारों लोगों के साथ जुलूस खेतपालिया...mukesh
चेन्नई।ब्यावर में सेठ पारसमल पिस्ताबाई खेतपालिया के जीवित महोत्सव के लिए ब्यावर नगर को दुल्हन की तरह सजाया गया। हजारों लोगों के साथ जुलूस खेतपालिया निवास से जयकारों के साथ बैंड एवं ढ़ोल-नगाड़ों के साथ स्वर लहरियों ने सबका मन मोह लिया। एक किलोमीटर के जुलूस में छत्तीस कौम के लोगों ने अभिनंदन किया। इस अवसर पर खेतपालिया परिवार द्वारा जैन समाज के चारों सम्प्रदाय ओर सैकड़ों अजैन परिवारों का और जन्म भूमि बाबरा में भी सम्पूर्ण गांव का सपरिवार गौतम प्रसादी का आयोजन रखा गया था। खेतपालिया परिवार द्वारा बड़ी दान राशि ब्यावर और अपनी पावन जन्म भूमि बाबरा में देने की घोषणा की गई।
इस ऐतिहासिक क्षण में श्री जैन मित्र मंडल चेन्नईद्व तमिलनाडु द्वारा सेठ पारसमल खेतपालिया को भामाशाह पद से अलंकृत किया गया और बाबरा ग्राम के सरपंच और सेठ आनंदराज मदनलाल गोपालचंद खिंवसरा ने छत्तीस कौम के आग्रह को देखते हुए पारसमल खेतपालिया को नगर सेठ के पद से अलंकृत किया गया। प्रवीण, सुनील, दिलीप और मोहित खेतपालिया ने अपने माता-पिता के प्रति श्रवणकुमार जैसी महती भूमिका निभाई।
इस महा महोत्सव में चेन्नई से कल्याणमल रांका, विजयराज गडवानी, रिखबचंद बोहरा, भंवरलाल राठौड़, सुभाषचंद छाजेड़, पदमचंद कांकरिया, मीठालाल पगारिया, ललित मकाणा, महावीर आई. कोठारी, दिनेशकुमार गोलेच्छा, नवरत्न गडवानी, किशोर गादिया, मनोज गादिया, नवरत्न कांकरिया, महावीर सिसोदिया, नवरत्न लोढ़ा, प्रकाश ललवानी, हुक्मीचंद तालेड़, मनीष भंवरलाल परमार, सुरेश खत्री, किशोर साकरिया, अशोकभाई राखीवाला, विमल सिंघवी, मूलचंद रांका, राजेश भंसाली, सुशील मेहता, पवन कोटेचा, हस्तीमल खटोड़, टीपी जैन, सुरेशचंद डुंगरवाल, प्रवीण कमल भंडारी आदि उपस्थित थे। सभी का खेतपालिया परिवार द्वारा सम्मान किया गया।