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चेन्नई में बादल फटने वाले हालात, बारिश के बीच नए साल का आगाज

- तमिलनाडु के 10 जिलों में भारी बारिश- नागपट्टिनम जिले में रेड अलर्ट

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चेन्नई.

नए साल के जश्न की तैयारी कर रहे चेन्नई समेत पूरे राज्यवासी तब हैरान रह गए जब अचानक हुई बेमौसम बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया। आम लोगों की तरह मौसम विभाग भी इस भारी बारिश को देखकर हैरान रह गया। चूलैमेडु, टी. नगर, अशोक नगर, तैनाम्पेट, मईलापुर और ब्रॉडवे में अभी-अभी नवम्बर में हुई भारी बारिश के प्रकोप से उबरे ही थे, एक बार फिर से भारी बारिश की गिरफ्त में आ गए।

बारिश के साथ तेज हवाएं भी
शुक्रवार दोपहर को बादल छा गए और हल्की बूंदाबांदी के साथ शुरू हुआ बारिश का सिलसिला भारी बारिश में बदल गया और लोगों की परेशानी शुरू हो गई। नए साल की पूर्व संध्या पर जश्न का माहौल भी खराब हो गया। बारिश के साथ तेज हवाएं चल रही थीं, जिससे ग्रेटर चेन्नई कॉरपोरेशन के अधिकारियों को कई हिस्सों में मोटर पंपों का उपयोग कर जमा पानी को बाहर निकालने जैसे राहत कार्यों में भी बाधा उत्पन्न हुई।

इससे सामान्य जनजीवन प्रभावित रहा क्योंकि कई इलाके जलमग्न हो गए। वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई। कई इलाकों में बारिश का पानी घरों में घुस गया है। भारी बारिश और इस वजह से हुई बिजली गुल होने के चलते चेन्नई के तीन सबवे को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है।

अगले पांच दिन तक बारिश की चेतावनी
इधर, भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने तमिलनाडु के कई जिलों में अगले पांच दिन मध्यम से तेज बारिश होने का पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के मुताबिक नागपट्टिनम जिले के कुछ स्थानों पर भारी वर्षा होने की संभावना है। वहीं विल्लुपुरम, कडलूर, चेंगलपेट, कांचीपुरम, चेन्नई, पुदुचेरी और कराईकल क्षेत्र के कुछ स्थानों पर भी तेज बारिश होने की संभावना जताई है।

स्कूल-कॉलेज बंद रहे
उधर, शुक्रवार को चेन्नई, तिरुवल्लूर, कांचीपुरम और चेंगलपेट जिलों में आवश्यक सेवाएं प्रदान करने वाली सेवाओं को छोडकऱ सभी सरकारी ऑफिस, स्कूल, कॉलेज और शैक्षणिक संस्थान बंद रहे। चेन्नई और उसके पड़ोसी जिलों के कई क्षेत्र जलमग्न हैं, जबकि निचले इलाकों और नदी के पास रहने वाले लोगों को अस्थायी रूप से विशेष राहत शिविरों में शरण लेनी पड़ी। खुद मुख्यमंत्री स्टालिन राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि जल्द ही स्थिति में सुधार होगा।

चक्रवाती परिसंचरण का पैटर्न 5.8 किमी की ऊंचाई पर बना हुआ है। तथा अभी भी तट के करीब है और थोड़ा पूर्व-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगा। इसलिए तटीय तमिलनाडु में काफी बारिश होगी।
डॉ. पुवियारासन, निदेशक
मौसम विभाग