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महंगाई भत्ते पर रोक लगाने के निर्णय को वापस ले सरकार: स्टालिन

स्टालिन ने मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री से राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि पर जुलाई 2021 तक रोक लगाने और अर्जित अवकाश के बदले नकद भुगतान पर भी एक साल तक रोक लगाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की।

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महंगाई भत्ते पर रोक लगाने के निर्णय को वापस ले सरकार: स्टालिन

महंगाई भत्ते पर रोक लगाने के निर्णय को वापस ले सरकार: स्टालिन


चेन्नई. डीएमके अध्यम एम.के. स्टालिन ने मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री एडपाडी के पलनीस्वामी से राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के महंगाई भत्ते में वृद्धि पर जुलाई 2021 तक रोक लगाने और अर्जित अवकाश के बदले नकद भुगतान पर भी एक साल तक रोक लगाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की। अगर ऐसा नहीं हुआ तो इसका सरकारी कर्मचारियों पर बुरा प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वर्तमान की परिस्थिति को देखते हुए सरकार का यह निर्णय लेना निंदनीय है।

यहां जारी एक विज्ञप्ति में उन्होंने कहा सरकारी कर्मचारियों पर दबाव बनाने के बजाय राज्य को केंद्र पर अपने जीएसटी के हिस्से, वित्त आयोग का आवंटन और कोविड 19 को लेकर पर्याप्त राशि आवंटित करने को लेकर दबाव बनाना चाहिए। सरकार का यह निर्णय उन कर्मचारियों को प्रोत्साहित नहीं करेगा जो कर्मचारी इस महामारी में दिन रात लगे हुए हैं। स्टालिन ने कहा कि सरकार द्वारा लॉकडाउन की घोषणा के बाद सरकारी कर्मचारियों ने अपने एक दिन के वेतन को मुख्यमंत्री राहत कोष में प्रदान किया था।

पुलिसकर्मी, स्वास्थ्यकर्मी, राजस्व विभाग के कर्मचारी, नगरपालिका प्रशासन, खाद्य और सहकारी समितियों ने खुद से काम करने का निर्णय भी लिया था। इसके बावजूद सरकार ने इस तरह का निर्णय लिया है जिससे सरकारी कर्मचारी कमजोर होंगे। स्टालिन ने कहा सरकारी कर्मचारियों के लाभ की बात आने पर राज्य सरकार भाजपा सरकार का अनुसरण करने लगती है, जो कि सही नहीं है। सरकार को तत्काल इस निर्णय को वापस लेना चाहिए।