
Unesco Heritage : महाबलीपुरम, तंजावुर के मंदिर और नीलगिरि की माउंटेन रेल कमा रही करोड़ों
चेन्नई. महाबलीपुरम, नीलगिरि माउंटेन रेल (एनएमआर) और तंजावुर बृहदीश्वरर मंदिर जैसी यूनेस्को की वैश्विक धरोहरों के बूते तमिलनाडु बड़ी आसानी से हर साल लाखों की संख्या में देश-विदेश से सैलानियों को आकर्षित करने में कामयाब रहता है।
पर्यटन विभाग की एक रिपोर्ट अनुसार 2022 में ताजमहल से ज्यादा महाबलीपुरम की साइट देखी गई थी। इस वर्ष भी जनवरी से अप्रेल के बीच भारत में आए कुल विदेशी पर्यटकों में से 8 प्रतिशत ने तमिलनाडु का दौरा किया।
कोरोनाकाल के बाद सरकार ने पर्यटन जगत को वापस खड़ा करने की कई योजनाएं लागू की हैं जिनके परिणाम आना शुरू हो गए है। उदाहरण के तौर पर 2021 की तुलना में राज्य में पर्यटकों की आवाजाही लगभग दुगुना हो गई। हेरिटेज टूरिज्म के साथ ही मेडिकल, साहसिक और पिलग्रिम टूरिज्म को बढ़ावा दिया जा रहा है।
यूनेस्को की वैश्विक धरोहर
कुंभकोणम ऐरावतेश्वर मंदिर
तंजावुर बृहदीश्वर मंदिर (बड़ा मंदिर)
जयकोंडम में गंगैकोंड चोलपुरम मंदिर
महाबलीपुरम के स्मारक
एनएमआर और पश्चिमी घाट
अन्य प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर : सलवनकुप्पम बाघ मुखी गुफा मंदिर, सेंजी फोर्ट, वट्टकोट्टै किला (कन्याकुमारी), तिरुमय्यम किला (पुदुकोट्टै), सित्तनवासल (पुदुकोट्टै) में जैन गुफा मंदिर
भारत में आए विदेशी पर्यटक
जनवरी से अप्रेल 2023 3133751
जनवरी से अप्रेल 2022 1177680
जनवरी से अप्रेल 2019 3954443
विदेशी पावणे और कमाई
पिछले वर्ष विदेश से लगभग 4.07 लाख पर्यटकों ने राज्य में भ्रमण किया था। पर्यटन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार अकेले अप्रेल महीने में देश में 6 लाख 3 हजार 985 विदेशी सैलानी आए। जनवरी से अप्रेल के बीच का यह आंकड़ा 31 लाख 33 हजार 751 रहा। इन सैलानियों से करीब 17 हजार 405 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ। तमिलनाडु की बात करें तो कुल सैलानियों व राजस्व में उसकी हिस्सेदारी आठ प्रतिशत रही। यानी 48 हजार से अधिक पर्यटक चेन्नई आए और 1392 करोड़ रुपए यहां खर्च किए।
Published on:
20 Jul 2023 02:27 pm
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