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नॉर्मल डिलीवरी से महिला ने दिया 5.2 किलो वजनी बच्चे को जन्म

चेन्नई के सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों का करिश्मा

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नॉर्मल डिलीवरी से महिला ने दिया 5.2 किलो वजनी बच्चे को जन्म

चेन्नई. ट्रिप्लीकेन में सरकार द्वारा संचालित कस्तूरबा अस्पताल में एक महिला ने नॉर्मल डिलीवरी से 5.2 किलो वजनी बच्चे को जन्म दिया है। जच्चा और बच्चा दोनों ही स्वस्थ्य हैं।
अस्पताल की निदेशक डॉ. विजया के अनुसार यह बच्चा अब तक का सबसे अधिक वजनी बच्चा नहीं है लेकिन हम लोगों को बताना चाहते हैं कि सही तरीके से की गई कॉउंसलिंग और विशेषज्ञों की मदद से इस तरह की कठिन मानी जाने वाली गर्भावस्था को भी संभाला जा सकता है और सामान्य प्रसव करवाया जा सकता है। सामान्य प्रसव से मां और बच्चे में बेहतर बॉण्डिंग बनती है और मां को भविष्य में होने वाली कई स्वास्थ्य समस्याओं से दूर रखा जा सकता है। बच्चे की मां जयश्री ने उपचार के बाद ही गर्भ धारण किया था। उसे किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या जैसे हाइपरटेंशन या डायबिटीज आदि नहीं थी। 10 वर्ष पहले भी उसने 3.2 किलो के बच्चे को जन्म दिया था। इस तरह 4 किलो से अधिक वजन की स्थिति को मेडिकल की भाषा में मेक्रोसोमिया कहा जाता है। इसमें डॉक्टर आपरेशन या सी सेक्शन को महत्व देते हैं। कस्तूरबा अस्पताल में इससे पहले 4.8 किलो वजन के बच्चों का जन्म सामान्य प्रसव से हो चुका है। 28 नवबंर को अस्पताल ने अपना ही रिकॉर्ड तोड़ा है। और अब अस्पताल ने सामान्य प्रसव के लिए माताओं को प्रेरित करने के लिए जयश्री और उसके बच्चे को ब्रांड अंबेसडर बनाया है।
हालांकि अस्पताल के पास मेक्रोसोमिया के साथ पैदा होने वाले बच्चों का कोई रिकार्ड या डेटा नहीं है पर 2006 के आंकड़ों के अनुसार यह 1.06 प्रतिशत थी। डा. विजया का कहना है कि यह संख्या अब दुगुनी हो चुकी होगी यानी एक लाख में से 1800 बच्चे मेक्रोसोमिया के साथ पैदा हो रहे हैं जिसका मूल कारण बदली हुई लाइफ स्टाइल और जच्चा की उचित देखभाल है।