चेन्नई.
चेन्नई स्थित विश्व का दूसरा सबसे बड़ा समुद्री तट मरीना बीच यहां रहने वाले लाखों लोगों को शांति व सुकून देता है। समय चाहे सुबह का हो या शाम का या फिर रविवार या अन्य अवकाश का दिन हजारों की संख्या में लोग यहां पहुंच कर प्रकृति के सौंदर्य का आनंद लेते हैं। समुद्र में स्नान या फिर तट पर बैठकर समुद्र से आती शीतल हवाएं भीषण गर्मी के इन दिनों में बड़ी राहत देती हैं। यह नहीं सुबह और शाम के समय यहां बड़ी संख्या में लोग टहलने के लिए आते हैं। यहां पैदल चलने वालों के लिए बने मार्ग हरियाली से भरे हुए हैं। बीच की साफ सफाई पर चेन्नई निगम एवं अन्य एनजीओ का पूरा ध्यान है। पर्यावरणविदों और जानकारों का कहना है कि यहां आने वाले लोग यदि थोड़ा सा सहयोग करें तो बीच को साफ सुथरा रखने में बड़ी मदद मिलेगी। मरीना बीच पर घूमने आने वाले लोग यहां कई खेल कूद जैसी कई एक्टिविटि भी करते हैं।
प्रवासियों की भूमिका
पक्षियों को दाना देने से लेकर तक कई अन्य गतिविधियां यहां होती हैं। इसमें प्रवासी राजस्थानी बढ़ चढक़र हिस्सा लेते हैं। विभिन्न संस्थानों से जुड़े प्रवासी यहां जरूरतमंद बच्चों को सैर कराने के लिए भी लाते हैं जो उन्हें काफी सुकून देता है। समय समय पर बीच की साफ सफाई में भी उनका अहम रोल होता है। उत्तर में फोर्ट सेंट जार्ज से लेकर दक्षिण में फोरसोर एस्टेट तक फैला यह समुद्र तट छह किलोमीटर में है। मरीना बीच बंगाल की खाड़ी में स्थित भारत का एक प्राकृतिक शहरी समुद्र तट है।
यहां घूमने फिरने के अलावा आगंतुकों के लिए खाने पीने, खरीदारी व अन्य मनोरंजन के साधन भी उपलब्ध हैं। बच्चों के लिए भी यहां तैराकी एवं घुड़सवारी समेत खेल के कई साधन हैं। यहां ठेले पर लगी दुकानें या फिर फेरी वाले आने वाले लोगों का स्वागत करते नजर आते हैं। अच्छी संख्या में इन लोगों में बिहार एवं उत्तर प्रदेश के भी हैं जो पानी पुड़ी व अन्य चीजें बेचकर जीवनयापन करते हैं।