छतरपुर

केन बेतवा लिंक परियोजना: ४ जगह विस्थापित होंगे छतरपुर जिले के प्रभावित ग्रामीण, जमीन चिंहित

छतरपुर जिले के 14 गांव के विस्थापित बसाए जाएंगे, इधर, पन्ना में प्रभावित गांवों की संख्या बढ़ी

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Oct 22, 2023
केन बेतवा लिंक परियोजना का मुख्य बांध स्थल

छतरपुर. केन-बेतवा लिंक परियोजना के प्रभावितों के विस्थापन की रणनीति पर काम किया जा रहा है। छतरपुर जिले के प्रभावित 14 गांव के ग्रामीणों को चार गांवों में बसाया जाएगा। छतरपुर जिले के 14 गांव विस्थापित किए जा रहे हैं। इन गांवों में भरकुआं, ढोढन, खरियानी, कुपी, मैनारी, पलकोंहा, शाहपुरा, सुकवाहा, पाठापुर, नैगुवां, डुंगरिया, कदवारा, घुघरी बसुधा शामिल हैं। इन गांवों के विस्थापित परिवारों को भैंसखार, राइपुरा, नंदगांयबट्टन और किशनगढ़ में बसाया जाएगा। इन चारों स्थानों पर जमीन को चिह्नित कर लिया गया है।

पन्ना जिले में अब 11 गांव होंगे विस्थापित, पहले आठ होने थे
केन बेतवा नदी जोड़ो राष्ट्रीय परियोजना में पन्ना जिले के 11 गांव विस्थापित किए जाएंगे। पहले 8 गांवों को विस्थापित करने के लिए चिह्नित किया गया था। इनमें पन्ना तहसील के गहदरा, कटहरी बिलहटा, मझौली, कोनी और डोंडी और अमानगंज तहसील के खमरी, कूडऩ और मरहा गांव शामिल हैं। इसके अलावा ललार, रमपुरा, जरधोबा और कंडवाहा गांवों की भी शासकीय राजस्व भूमि विस्थापित करने का फैसला लिया गया है, तीनों गांवों में लोक सुनवाई की जा चुकी है। विस्थापित होने वाले सभी 11 गांव पीटीआर के अंदर बसे हुए हैं। इन गांवों की जमीनों को पत्रा टाइगर रिजर्व को सौंप दिया जाएगा।

बांध का टेंडर इसी माह खुलेगा
प्राधिकरण भोपाल ने केन नदी पर 5500 करोड़ रुपए से ढोढऩ बांध के निर्माण के लिए टेंडर जारी किया है। बांध निर्माण के लिए जारी कि या गया टेंडर अक्टूबर में ही खोला जाएगा। 8 साल की प्रस्तावित अवधि में बांध का निर्माण होगा। हालांकि टेंडर हो जाने के बाद भी केन्द्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय की मंजूरी मिलने के बाद ही निर्माण कार्य शुरु हो सकेगा। इसके लिए टेंडर में शर्त भी रखी गई है।

4 हजार हेक्टेयर जमीन हुई हैंडओवर
प्राधिकरण ने परियोजना के तहत अब तक पन्ना और छतरपुर जिला प्रशासन के माध्यम से 4 हजार हेक्टेयर जमीन पन्ना टाइगर रिजर्व (पीटीआर) को सौंप दी है। इसमें से 3400 हेक्टेयर छतरपुर जिले में और 600 हेक्टेयर पन्ना जिले में सौंपी गई है। इसके अलावा एक हजार हेक्टेयर राजस्व भूमि को छतरपुर जिले में सौंपने की प्रक्रिया अंतिम दौर में है। इसके अलावा जंगल में बसे गांवों को भी विस्थापित किया जा रहा है। विस्थापन से खाली होने वाली 1300 हेक्टेयर निजी जमीन भी पीटीआर को सौंप दी जाएगी।

आठ साल में तैयार होगी परियोजना
केन-बेतवा लिंक परियोजना का निर्माण कार्य आठ साल में पूरा होगा। निर्माण कार्य की कार्ययोजना तैयार कर ली गई है। परियोजना के प्रीकंस्ट्रक्शन और इनवेस्ट सर्वे के लिए 243 दिन का समय तय किया गया है। वहीं 730 में जमीन अधिग्रहण का लक्ष्य रखा गया है। जबकि पहुंच मार्ग के लिए 487 दिन, प्रोजेक्ट रोड के लिए 488 दिन, ऑफिस व कर्मचारी निवासी के लिए 518 दिन और निर्माण के लिए बिजली उपलब्ध कराने के लिए 549 दिन का लक्ष्य रखा गया है। वहीं विस्तृत डिजाइन व ड्राइंग के लिए 730 और टेंडर प्रक्रिया के लिए 640 दिन का समय तय किया गया है। यानि 2 साल बाद ही निर्माण कार्य शुरु होगा।

Published on:
22 Oct 2023 11:38 am
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