
झांसी खजुराहो फोरलेन निर्माण के लिए अवैध उत्खनन
छतरपुर. छतरपुर खजुराहो-झांसी फोरलेन के निर्माण में नौगांव के करारागंज में शासकीय जमीन में मुरूम और मिट्टी के अवैध खनन करने के मामले में कलक्टर न्यायालय में पीएनसी कंपनी पर 1 अरब 4 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है। कलक्टर संदीप जीआर ने कंपनी द्वारा मुरम का अवैध खनन करने पर रॉयल्टी की राशि पर 15 गुना जुर्माना समेत पर्यावरण क्षति की जवाबदेही भी तय की है। उन्होंने पीएनसी कंपनी के डायरेक्टर पर जुर्माने की राशि अधिरोपित करते हुए खनिज अधिकारी को वसूली करने के निर्देश दिए हैं।
राज्यसभा सांसद की है कंपनी
पीएनसी इन्फ्रास्टक्चर के डायरेक्टर नवीन जैन है। जो हाल ही में उत्तरप्रदेश से भाजपा की ओर से राज्यसभा सासंद बनाए गए। कलक्टर संदीप जीआर ने राजस्व और खनिज की अनुमति के बगैर ३.६ अरब रुपए के मुरम और मिट्टी का अवैध खनन मामले में सुनवाई के बाद जुर्माना लगाया है। वर्ष 2020 में कंपनी के अवैध उत्खनन पर पटवारी ने रिपोर्ट बनाई थी।
2.45 करोड़ घनमीटर का अवैध उत्खनन
झांसी खजुराहो फोरलेन निर्माण के दौरान पीएनसी कंपनी द्वारा शासकीय भूमि से मिट्टी और मुरम का खनन किया गया। इस मामले में तत्कालीन छतरपुर कलक्टर शीलेन्द्र सिंह ने नौगांव एसडीओ राजस्व को 15 मई 2020 को पत्र लिखकर 3 दिन के अंदर जांच कर प्रतिवेदन मांगा था। कलक्टर के पत्र पर हल्का पटवारी ने मौका मुआयना करते हुए लगभग 2 करोड़ 45 लाख 50 हजार घनमीटर से अधिक मिट्टी अथवा मुरम का अवैध खनन पाया था। सरकारी रेट के मुताबिक इस अवैध खनन से शासन को 3 अरब 6 करोड़ 87 लाख से अधिक के राजस्व का नुकसान पहुंचाया गया। राजस्व विभाग की इस रिपोर्ट के आधार पर खनिज निरीक्षक अशोक द्विेदी ने अवैध उत्खनन का केस कलक्टर न्यायालय में पेश किया था।
हैवी मशीनों से हुआ गौचर की जमीन पर अवैध उत्खनन
नौगांव तहसील क्षेत्र के करारागंज गांव मौजा में शासन के द्वारा गायों के विचरण एवं उनके चरने के लिए आरक्षित की गई 5 हेक्टेयर 140 आरे भूमि सहित मौजा में स्थित कई शासकीय जमीनों एवं तालाब में अवैध तरीके से खनन करते हुए मिट्टी और मुरम निकालने का मामला है। पीएनसी कंपनी ने पर्यावरण विभाग सागर एवं खनिज विभाग की अनुमति के बिना के ही गायों के लिए निर्धारित गोचर जमीन पर एलएंडटी और पोकलेन मशीनों से गहरी खुदाई करके हजारों डंपर, ट्रैक्टर-ट्रॉली मुरम निकालकर अवैध तरीके से सडक़ निर्माण कार्य के बेस में लगाई है।
राजस्व विभाग की रिपोर्ट पर खनिज विभाग ने कोर्ट में पेश किया केस
करारागंज में पीएनसी कंपनी के द्वारा किए जा रहे अवैध खनन पर तात्कालीन कलक्टर शीलेंद्र सिंह ने संज्ञान में लेते हुए 15 मई 2020 को नौगांव अनुविभागीय राजस्व अधिकारी को पत्र लिखकर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा था। हल्का पटवारी ने 3 जुलाई 2020 को मौका निरीक्षण करने के बाद पंचनामा तैयार कर जांच रिपोर्ट तहसीलदार नौगांव को सौंप दी। पटवारी की जांच रिपोर्ट में उल्लेख है कि भूमि खसरा नंबर 2908/1/1 भूमि 5 हेक्टेयर 140 आरए पर पीएनसी कंपनी द्वारा अवैध तरीके से 1000 वाई 300 वाई 50 घन फीट, भूमि खसरा नंबर 1507 रकबा 1.001 हेक्टेयर बाबा तालाब से लगभग 150 वाई 140 वाई 50 घन फीट, खसरा नंबर 2650 रकबा 2.144 हेक्टेयर भुजरया तालाब से लगभग 200 वाई 100 वाई 70 घनफीट, खसरा नंबर 1677 रकबा 0.466 हेक्टेयर खजनर तालाब से लगभग 200 वाई 100 वाई 50 घनफीट मिट्टी अथवा मुरम का अवैध खनन करते हुए फोरलेन निर्माण के उपयोग में ली गई है। इसके साथ ही खसरा नंबर 2908/1/1 से भी मिट्टी निकाली गई। पटवारी रिपोर्ट के मुताबिक लगभग 2 करोड़ 45 लाख 50 हजार घनमीटर से अधिक मिट्टी अथवा मुरम का अवैध खनन किया गया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस अवैध उत्खनन से शासन को 3 अरब 6 करोड़ 87 लाख से अधिक का राजस्व का नुकसान हुआ है।
इनका कहना है
कलक्टर न्यायालय के आदेश पर कंपनी से जुर्माना राशि वसूली जाएगी। जुर्माना राशि शासकीय कोष में जमा करने के लिए प्रक्रिया शुरु कर दी गई है।
अमित मिश्रा, डिप्टी डायरेक्टर, खनिज विभाग
Published on:
13 Mar 2024 10:18 am
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