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पीएमजीएसवाई छतरपुर में प्रतिनियुक्ति का खेल, 8 माह पहले कार्यकाल खत्म फिर भी कुर्सी पर जमे जीएम

प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने के बावजूद जीएम का पद पर बने रहना और पूर्व में गड़बड़ी के आरोपों में हटाए गए बाबू का दोबारा सक्रिय होना, बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।

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प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना

प्रधानमंत्री ग्राम सडक़ योजना (पीएमजीएसवाई) कार्यालय छतरपुर इन दिनों नियमों की धज्जियां उड़ाने और प्रशासनिक अराजकता का केंद्र बना हुआ है। यहां प्रभारी महाप्रबंधक (जीएम) और एक विवादित लिपिक (बाबू) की ऐसी जुगलबंदी सामने आई है, जिसने पूरे विभाग की कार्यप्रणाली को संदेह के घेरे में खड़ा कर दिया है। प्रतिनियुक्ति की अवधि समाप्त होने के बावजूद जीएम का पद पर बने रहना और पूर्व में गड़बड़ी के आरोपों में हटाए गए बाबू का दोबारा सक्रिय होना, बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा कर रहा है।

8 माह पहले खत्म हुई प्रतिनियुक्ति, फिर भी कुर्सी से मोह

पीएमजीएसवाई कार्यालय में जीएम की जिम्मेदारी संभाल रहे मोहम्मद तारिक की प्रतिनियुक्ति करीब 8 माह पहले ही समाप्त हो चुकी है। उन्हें उनके मूल विभाग पीडब्ल्यूडी में वापस भेजने के आदेश भी जारी हो चुके हैं, लेकिन इन स्पष्ट आदेशों के बावजूद वे अब तक पद पर कुंडली मारकर बैठे हुए हैं। उनकी मूल पदस्थापना जीएम टीकमगढ़ के पद पर है, लेकिन वे छतरपुर का अतिरिक्त प्रभार छोडऩे को तैयार नहीं हैं।


दागी बाबू की अवैध एंट्री और ठेकेदारों से साठगांठ


मामले में चौंकाने वाला मोड़ तब आया जब सहायक ग्रेड-3 के लिपिक आरएस तिवारी की कार्यालय में सक्रियता देखी गई। तिवारी पिछले डेढ़ साल से कथित तौर पर अवैध तरीके से यहां काम कर रहे हैं। गौरतलब है कि तिवारी की मूल पदस्थापना जल संसाधन विभाग टीकमगढ़ में है। पूर्व में छतरपुर में गंभीर अनियमितताओं के चलते उन्हें यहां से हटाया गया था, लेकिन वे मूल विभाग जाने के बजाय जीएम के संरक्षण में फिर से छतरपुर कार्यालय में दखल दे रहे हैं।

सडक़ों के मरम्मत के नाम पर लाखों का खेल?

इस कथित जीएम-बाबू गठजोड़ के कारण जिले में सडक़ निर्माण और मरम्मत कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। गारंटी पीरियड में ही सडक़ें जर्जर हो रही हैं, लेकिन आरोप है कि जीएम ठेकेदारों के दबाव में हैं। मरम्मत के नाम पर हर माह लाखों रुपए के फर्जी भुगतान किए जाने की आशंका जताई जा रही है, जिस पर फिलहाल कोई प्रभावी नियंत्रण नहीं है।


जिम्मेदारों का तर्क- साहब ने कहा, इसलिए कर रहा हूं काम


जब इस संबंध में लिपिक आरएस तिवारी से बात की गई, तो उन्होंने खुले तौर पर स्वीकार किया कि वे जीएम मो. तारिक के कहने पर छतरपुर में काम कर रहे हैं। वहीं, जीएम मो. तारिक का कहना है कि विभाग में कर्मचारियों की कमी है, इसलिए वे टीकमगढ़ से काम ले रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रतिनियुक्ति बढ़ाने की प्रक्रिया जारी होने का दावा भी किया है।