47 फीसदी ने खरीदी, अब न खरीदने पर रुकेगी वेतन
छतरपुर. जिले के प्राथमिक सरकारी स्कूल के सभी टीचर्स को नेट फ्रेंडली बनाने की तैयारी चल रही है। इसके लिए शिक्षकों को टैबलेट खरीदवाए जा रहे हैं। लेकिन पूर्व में तय तारीख तक सभी शिक्षकों ने टैबलेट नहीं खरीदे, जिसके चलते टैबलेट खरीदने की तारीख बढ़ाई गई है। शिक्षक अब 31 मार्च तक टैबलेट खरीकर सत्यापन करा सकेंगे। सात्यापन के बाद उन्हें टेबलेट खरीदने के लिए तय की गई 10 हजार रुपए की राशि मिलेगी। लेकिन जो शिक्षक अब भी टैबलेट नहीं खरीदेंगे, उनपर कार्रवाई करते हुए उनकी वेतन रोकी जाएगी।
5373 है प्राइमरी शिक्षक
जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ाई के तरीके को हाईटेक करने के लिए शिक्षकों को अब टेबलेट खरीदना अनिवार्य किया है। इसके लिए सभी प्राइमरी शिक्षकों को राज्य शिक्षा केंद्र द्वारा 15 मार्च तक टेबलेट खरीदना अनिवार्य किया गया था, लेकिन तय समय में ऐसा संभव नहीं हो सका है। जिले में 5373 प्राइमरी शिक्षक हैं, इनमें से 3978 ने खरीदी के लिए अपनी सहमति दी है। अब तक 2364 शिक्षकों ने टेबलेट खरीदकर जानकारी पोर्टल पर अपडेट कराई है। इनमें से 538 शिक्षकों का संबंधित बीआरसीसी द्वारा सत्यापन कार्य किया जा चुका है। वहीं 30 फीसदी शिक्षकों ने अपनी कोई प्रतिक्रि या ही नहीं दी है। इस तरह से अभी केवल 47 फीसदी शिक्षकों ने ही टैबलेट खरीद पाए हैं।
10 हजार में अच्छी कंपनी का टेबलेट मुश्किल
सरकारी स्कूलों में स्मार्ट कार्यप्रणाली को प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके तहत टेबलेट खरीदे जा रहे हैं। शिक्षकों की पहली आपति तो यही है कि टैबलेट के लिए सरकार सिर्फ 10 हजार रुपए दे रही है। इतनी राशि में अच्छी कंपनी या गुणवत्ता का टैबलेट नहीं खरीदा जा सकता है। शिक्षकों का कहना है कि 10 हजार का टैबलेट वाइफाई से चलेगा तो स्कूलों में उपलब्ध नहीं होने के कारण उससे पढ़ाना मुश्किल होगा। आज के समय से 10 हजार रुपए में अच्छी कंपनी का मोबाइल भी नहीं आ रहा है, ऐसे में टेबलेट खरीदना तो दूर की बात है।
इनका कहना है
31 मार्च तक टेबलेट खरीदने के शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं, यदि नहीं खरीदेंगे तो राज्य शिक्षा केंद्र के निर्देशानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आरपी लखेर, डीपीसी