4 अप्रैल 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

डीजल महंगा हुआ तो बढ़ गया ट्रैक्टर से खेत जुताई का खर्च

900 रुपए प्रति घंटे के दाम पर मिल रहा जुताई के लिए ट्रैक्टर, इसलिए छोटे किसान अपना रहे परंपरागत पैटर्न

2 min read
Google source verification
बैल व हल से निकाल रहे किसान समस्या का हल

बैल व हल से निकाल रहे किसान समस्या का हल


छतरपुर। डीजल के दाम में बढोत्तरी का असर खेती किसानीं पर नजर आने लगा है। छतरपुर में डीजल के दाम प्रति लीटर १०२ रुपए 95 पैसे हो गए हैं। डीजल के दाम बढऩे से जुताई के लिए ट्रैक्टर संचालक 900 रुपए प्रति घंटे की दर से चार्ज वसूल रहे हैं। जबकि पहले 600 से 700 रुपए ही लगते थे। जुताई के दाम बढऩे से छोटे किसानों की लागत बढ़ गई है। खाद-बीज की महंगाई से पहले परेशान किसानों ने ऐसे में इस समस्या का समाधान निकालने के लिए छोटे किसानों ने बैल व हल से खेत जोतना शुरु कर दिया है।

खेती के लिए ट्रैक्टर, कल्टीवेटर, हेरो, थ्रेसर और दूसरे औजारों का इस्तेमाल किया जाता है। छोटी जोत वाले किसानों के पास ये संसाधन न होने से उन्हें किराए पर ये सामग्रियां लेना पड़ती है। जुताई के लिए वर्तमान में प्रति घंटे 900 रुपए का भुगतान किसानों को करना पड़ रहा है। जिससे डेढ से दो एकड़ खेत की जुताई एक घंटे में होती है। वहीं डीजल के दाम बढऩे से थ्रेसर बैगरह का किराया भी महंगा होने की संभावना से किसान चिंतित हैं।

खेतों की जुताई के अलावा सिंचाई के लिए भी डीजल की जरुरत होती है। महाराजपुर व राजगनर, नौगांव व हरपालपुर इलाके के छोटे किसानों ने परंपरागत साधन बैल-हल का इस्तेमाल कर जुताई का खर्च तो कम लिया है, लेकिन सिंचाई के लिए महंगा डीजल खरीदने को लेकर किसान अभी भी चिंतित हैं। मौसम की मार से प्रभावित खेती को आगे जारी रखने के लिए किसानों को आधुनिक यंत्रों के साथ अब परंपरागत संसाधन भी अपनाना पड़ रहे हैं।

किसान प्योरलाल कुशवाहा का कहना है कि डीजल के दाम बढऩे से खेती की लागत पर असर पड़ा है। जुताई, सिंचाई, फसल की ढुलाई का खर्च बढऩे से किसानों की परेशानी बढऩे वाली है। किसान राकेश पटेल का कहना है कि मौसम की मार से पहले ही किसान परेशान हैं, अब डीजल के दाम में बढोत्तरी भारी पड़ रही है। खरीफ की फसल बारिश के चलते खराब हो गई, अब जुताई महंगी होने से मुसीबत बढ़ गई है। इसलिए किसान खर्च कम करने के उपाय पर काम कर रहे हैं।

बड़ी खबरें

View All

छतरपुर

मध्य प्रदेश न्यूज़

ट्रेंडिंग