छतरपुर

पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लडऩे पर किया था मलखान सिंह का निष्कासन

पहले टिफिन पार्टी के दौरान नेता मंत्रियों ने नाराज कार्यकर्ताओं को मनाया, अब किया निष्काशित महाराजपुर विधानसभा से दावेदारी कर भाजपा जिलाअध्यक्ष, विरोध होने पर किया 3 पूर्व पदाधिकारी व 2 वर्तमान पदाधिकारी को पार्टी से निष्काशित

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Jul 26, 2023
मलखाल सिंह का निष्कासन

छतरपुर. विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही भाजपा में विरोध के स्वर गूंजने लगे हैं। महाराजपुर विधानसभा से चुनाव लडऩे का मन बना चुके भाजपा जिला अध्यक्ष द्वारा विरोध करने वाले कार्यकताओं को पार्टी से हटा रहे हैं। मंगलवार को पार्टी ६ पदाधिकारियों को पार्टी से ६ साल के लिए निष्कासित कर दिया। वहीं इसी तरह वर्ष २०१५ में मलखान सिंह को भी पार्टी से ६ साल के लिए हटाया दिया गया था। लेकिन वह ६ वर्ष पूर्ण होने से पहले ही जिला अध्यक्ष बन गए। लेकिन उनकी पार्टी के प्रति मानसिकता नहीं बदली।

तीन दिन पूर्व नौगांव में बैठक के दौरान कुछ हटाए गए व कुछ वर्तमान पदाधिकारियों ने भाजपा के जिलाध्यक्ष मलखान सिंह पर महाराजपुर विधानसभा से दावेदारी करने का विरोध किया था। इस दौरान पदाधिकारियों ने बाहरी व्यक्ति को विधानसभा आने पर विरोध करने की बात खुलकर कही थी। जिससे बौखलाए जिलाध्यक्ष मलखान सिंह ने मंगलवार को अपनपी ओर से एक पत्र जारी करते हुए पार्टी विरोधी गतिविधि करने पर महाराजपुर विधानसभा के ३ पूर्व मंडल अध्यक्ष जीतेन्द्र सिंह परिहार, महेन्द्र अहिरवार, प्रवीण मिश्रा आशु को और मंडल महामंत्री सुरेन्द्र सिंह राजावत हरपालपुर व युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष महेन्द्र तिवारी को 6 वर्ष के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया।निष्कासित किए गए लोगों को कहना है कि वर्तमान जिलाध्यक्ष मलखान सिंह को कई बार पार्टी की ओर से पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए हिदायत दी और वर्ष २०१५ में निष्कासित भी किया गया था। लेकिन अपनी पहुंच के चलते ६ वर्ष से पहले ही चोरी छिपे पार्टी में शामिल हो गए। लेकिन वह अभी भी पार्टी के कार्यकताओं का सम्मान न करते हुए अपनी मनमानी चला रहे हैं। पहले की तरह बीच में आने वाले कार्यकर्ताओं के साथ दुव्र्यहार कर रहे हैं।

पार्टी के अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लडऩे पर किया था मलखान सिंह का निष्कासन

मलखान सिंह को २२ फरवरी २०१५ को तत्कालीन जिलाध्यक्ष डॉ. घासीराम पटेल ने संगठन के निर्देश पर पार्टी से ६ साल के लिए निष्कासित किया था। वर्ष २०१५ में जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए भाजपा ने राजेश प्रजापति को अपना अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया था, लेकिन मलखान सिंह, राजेश प्रजापति के खिलाफ ही जिला पंचायत का चुनाव लड़ गए थे। इस पर पार्टी से उन्हें ६ साल के लिए निष्किासित कर दिया गया था। लेकिन बाद में १४ फरवरी २०१९ को मलखान सिंह ने भाजपा जिला अध्यक्ष का पदभार संभाल लिया। तब लोगों को भाजपा फिर से शामिल होने की जानकारी हुई। डॉ. घासीराम पटेल के अनुसार उनके कार्यकाल में व जिलाध्यक्ष बने पुष्पेंद्र प्रताप सिंह के कार्यकाल में मलखान सिंह की पार्टी में वापसी नहीं हुई थी।

इनका कहना है

पार्टी विरोधी गतिविधियां होने से हमने इन लोगों को ६ वर्ष के लिए निष्कासित किया हैै। वहीं वर्ष २०१५ में मुझे बिना संगठन की अनुमति लिए निष्कासित किया था। जो मान्य नहीं होता है। किसी पदाधिकारी का निष्कासन के लिए संगठन की अनुमति जरुरी है। मलखान सिंह, जिला अध्यक्ष भाजपा

Published on:
26 Jul 2023 08:43 pm
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