
छतरपुर. अब बुंदेलखंड का कठिया गेहूं की डिमांड विदेश में बढ़ने लगी है। बांग्लादेश के लोगों को यह गैहूं खूब भा रहा है। अगस्त से अभी तक रेल मंडल की अलग-अलग साइडिंग से 20 मालगाड़ी भरकर गेहूं बांग्लादेश भेजा गया है। रेलवे को प्रत्येक मालगाड़ी पर 55 लाख रुपए का राजस्व मिला है।
रोजाना लोड हो रहा 610 टन गेहूं
झांसी रेल मंडल माल लदान में बेहतर स्थिति में पहुंच गया है। मंडल की दतिया, बिजौली, उरई, रायरु, ललितपुर, मुरैना साइडिंग से प्रतिदिन 90 से अधिक वैगनों पर गेहूं लोड किया जा रहा है। नवंबर में 408 वैगनों इसे लोड किया गया, जबकि पिछले साल नवंबर में 318 वैगनों में माल लदान किया गया था।
यहां बेहतर पैदावार
बुंदेलखंड के महोबा, चित्रकूट, हरपालपुर, छतरपुर, टीकमगढ़, दतिया, हमीरपुर, जालौन समेत अन्य क्षेत्रों में कठिया गेहूं की पैदावार अच्छी होती है। यहां का गेहूं देशभर ही नहीं विदेशों में भी पसंद किया जाता है। ये गेहूं मंडल के दतिया, ललितपुर, मुरैना और रायरू स्टेशन से बांग्लादेश भेजा रहा है। अफसरों के मुताबिक पिछले साल की तुलना में इस साल गेहूं की डिमांड ज्यादा है।
अगस्त से लगातार भेजा जा रहा गेहूं
रेलवे जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अगस्त से लगातार माल गाडिय़ों से गेहूं बांग्लादेश भेजा जा रहा है। गेहूं के साथ खली व अन्य खाद्य पदार्थ भी भेजे जाते हैं।
गेहूं में प्रोटीन अधिक
कृषि विशेषज्ञ कमलेश सिंह ने बताया कि बुंदेलखंड से बांग्लादेश में कठिया (लाल) गेहूं ज्यादा भेजा जाता है। इस गेहूं में प्रोटीन अधिक होता है। इसका दलिया काफी फायदेमंद होता है।
Published on:
22 Dec 2020 01:38 pm
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