25 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

छतरपुर में 35 करोड़ के साइबर फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश: 20 पासबुक, 23 एटीएम और 104 सिम कार्ड के साथ कियोस्क संचालक समेत 3 गिरफ्तार

युवक के बैग की तलाशी ली, तो उसमें से विभिन्न बैंकों की 20 पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, 104 मोबाइल सिम कार्ड और 2 मोबाइल फोन बरामद हुए।
2 min read
Google source verification
police press confrance

खुलासा करती पुलिस

थाना कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने म्यूल (फर्जी/किराए के) बैंक खातों के जरिए देशभर में ऑनलाइन धोखाधड़ी की राशि का लेन-देन करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मामले में म्यूल अकाउंट उपलब्ध कराने वाले मुख्य आरोपी, एक कियोस्क संचालक सहित 3 अंतरराज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।

ओवरब्रिज के पास से दबोचा गया मुख्य आरोपी

एसपी रजत सकलेचा ने बताया पुलिस को सूचना मिली थी कि राजनगर रोड फोरलेन ओवरब्रिज के पास एक व्यक्ति साइबर ठगी की रकम खपाने के लिए म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराने की फिराक में खड़ा है। कोतवाली पुलिस टीम ने मौके पर दबिश देकर संदिग्ध युवक के बैग की तलाशी ली, तो उसमें से विभिन्न बैंकों की 20 पासबुक, 23 एटीएम कार्ड, 104 मोबाइल सिम कार्ड और 2 मोबाइल फोन बरामद हुए।

15 राज्यों में दर्ज 35 करोड़ की ठगी से जुड़े हैं तार

बरामद पासबुक, एटीएम और सिम कार्ड की जांच राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल से कराने पर चौंकाने वाला खुलासा हुआ। आरोपियों द्वारा जुटाए गए बैंक खातों और सिम कार्ड का इस्तेमाल बिहार, दिल्ली, राजस्थान, कर्नाटक, गुजरात, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, केरल और पंजाब सहित 15 राज्यों में दर्ज लगभग 35 करोड़ रुपए के साइबर अपराधों में पाया गया है।

तमिलनाडु में एक महिला से हुई 37.80 लाख रुपए की ठगी के मामले में भी मुख्य आरोपी सलमान राइन का खाता संलिप्त मिला है। सलमान थाना सिविल लाइन में दर्ज एक अन्य वित्तीय धोखाधड़ी के मामले में भी फरार चल रहा था। उस पर धोखाधड़ी, रंगदारी और मारपीट के 8 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम

1. सलमान राइन, निवासी बड़ी कुंजरहटी, छतरपुर म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराने वाला मुख्य आरोपी

2. उज्जवल अग्रवाल, निवासी पैराडाइज कॉलोनी, छतरपुर कियोस्क संचालक

3. राहुल पांडेय, निवासी छत्रसाल नगर, छतरपुर

ऐसे काम करता था गिरोह

जांच में सामने आया कि आरोपी आम लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम से बैंक खाते खुलवाते थे। इसके बाद फर्जी सिम कार्ड के जरिए इन म्यूल खातों का इस्तेमाल देशभर में साइबर ठगी से आए पैसों के ट्रांजैक्शन के लिए करते थे। यह कार्रवाई थाना प्रभारी निरीक्षक सतीश सिंह, साइबर प्रभारी उप निरीक्षक नेहा सिंह गुर्जर, उप निरीक्षक कुलदीप सिंह जादौन, आरक्षक कपेंद्र घोष, संदीप, नरेश और पुलिस टीम द्वारा की गई।