
रेशम की डोर से समझाया रिश्तों का महत्व
छतरपुर. आजादी के अमृत महोत्सव के तहत पत्रिका के राखी सजाओं प्रतियोगिता में महर्षि स्कूल की छात्राओं ने अपना हुनर दिखाया। राखी मेकिग प्रतियोगिता में कक्षा तीसरी से 12वीं की सीनियर व जूनियर विंग की छात्राओं ने विभिन्न डिजाइन में रंग-बिरंगे धागों, वेस्ट मैटीरियल, स्टोन, शीशे, सितारे के जरिए मनमोहक राखियां बनाकर अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित किया। उत्कृष्ट राखी बनाने वाली छात्राओं को सम्मानित करने के साथ सभी छात्राओं को प्रोत्साहित किया गया। प्रतियोगिता में कुछ छात्रों ने भी राखी बनाकर अपने मन के भाव दर्शाए।
रेशम की डोर से समझाया रिश्तों का महत्व
राखी बनाओ प्रतियोगिता में छात्राओं ने न केवल अपने हुनर का प्रदर्शन किया बल्कि ये भी दर्शाया कि राखी का त्योहार भावनात्मक ज्यादा है। बाकी पर्व भगवान से सीधे जुड़े हुए होते हैं। लेकिन रक्षाबंधन ही पूरी तरह से भाई और बहन के बीच के प्रेम को अभिव्यक्त करता है। राखी की डिजाइन में फूल सा कोमल और पहाड़ सा अडिग अहसास देने वाले भाइ बहन के रिश्तों को छात्राओं ने प्रदर्शित किया।
इन्होंने दिखाया हुनर
महर्षि विद्या मंदिर की तीनों विंग की छात्राओं द्वारा पत्रिका समूह द्वारा आयोजित राखी सजाओ प्रतियोगिता में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिया, जिसमे जूनियर ग्रुप में जया शुक्ला, आराध्या गोस्वामी, आर्या टिकरिया, समर्थ विसवारी, छाया रायकवार, दिशा व्यास, अवनी दुबे, अंजली तिवारी, अदिति सोनी, अनुष्का शुक्ला, अरविका जैन, अंजली चौरसिया, अविका सोनी, सूर्यांश सिंह, वेदांशी खरे, अनुष्का सोनी एवं सीनियर ग्रुप में आद्या गुप्ता, हिमांशी कुर्मी, पलक जैन, अवनेशा तिवारी, सौम्या गुप्ता, अनुष्का अग्रवाल, अंशिका चतुर्वेदी, आहना मिश्रा, अनुष्का द्विवेदी, किरण राय, साक्षी शर्मा, वसुंधरा रायकवार, पलक तिवारी, वर्षा प्रजापति, पलक लालवानी, मेघ वट्टी, अदिति गर्ग, आर्ची अग्रवाल, माही जैन, अदित्री अग्रवाल, अज्ञा रूपोलिया, सोनाली चौरसिया, तपस्या राय, आस्था चौरसिया, प्रियांशी आदि छात्राओं के साथ साथ छात्र वैभव चौरसिया, तरुण तिवारी, पुष्पराज शुक्ला, अनुज यादव, गौरांग सिंह भी राखी बनाने में पीछे नही रहे ।
हमारी संस्कृति की पहचान है राखी
प्राचार्य सीके शर्मा ने कहा कि राखी का त्योहार भारत की पुरातन संस्कृति को दर्शाता है। इससे पता चलता है कि भारत देश में रिश्तों को कितनी अहमियत दी जाती है। प्रतियोगिता के जरिए स्कूल के बच्चों ने अपने हुनर व भाव को सजीव कर दिया। कला सीखने के साथ बच्चों में आत्मविश्वास की वृद्धि होती है।
शिक्षकों का सहयोग व योगदान रहा सराहनीय
महर्षि स्कूल की शिक्षिका पूर्णिमा सक्सेना, नीलिमा श्रीवास्तव, सरोज यादव, ऊषा मिश्रा, मेघा सोनी और शिक्षक आलोक दीक्षित का सहयोग राखी मेकिंग कार्यशाला में सराहनीय रहा और शिक्षक विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते नजर आए, जिस कारण बनायीं गयी समस्त राखियां एक से बढ़कर एक नजर आईं।
Published on:
09 Aug 2022 04:15 pm

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