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अब गंभीर मरीजों को बाहर जाने की नहीं होगी जरूरत, छतरपुर जिला अस्पताल की 5 मंजिला सुपर स्पेशल क्रिटिकल केयर यूनिट में इसी सप्ताह से मरीजों को मिलेगा

जिला अस्पताल में नवनिर्मित 200 बेड की अत्याधुनिक सुपर स्पेशल क्रिटिकल केयर यूनिट अब मरीजों की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। 32.50 करोड़ रुपए की लागत से बनी यह 5 मंजिला इमारत न केवल चिकित्सा सुविधाओं में इजाफा करेगी

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critical care unit

क्रिटिकल केयर यूनिट

छतरपुर जिले के स्वास्थ्य तंत्र के लिए यह सप्ताह एक ऐतिहासिक उपलब्धि लेकर आया है। जिला अस्पताल में नवनिर्मित 200 बेड की अत्याधुनिक सुपर स्पेशल क्रिटिकल केयर यूनिट अब मरीजों की सेवा के लिए पूरी तरह तैयार है। 32.50 करोड़ रुपए की लागत से बनी यह 5 मंजिला इमारत न केवल चिकित्सा सुविधाओं में इजाफा करेगी, बल्कि जिले के गंभीर मरीजों के लिए भोपाल, ग्वालियर और दिल्ली जैसे बड़े शहरों की दौड़ को भी इतिहास बना देगी।

रेफरल की मजबूरी से मिलेगी मुक्ति

लंबे समय से छतरपुर के मरीज और उनके परिजन रेफरल की समस्या से जूझ रहे थे। उचित संसाधनों के अभाव में गंभीर स्थिति वाले मरीजों को तत्काल इलाज के लिए जिले से बाहर जाना पड़ता था। अब इस हाईटेक क्रिटिकल केयर यूनिट के शुरू होने से मरीजों को तत्काल उपचार की सुविधा मिलेगी। अधिकारियों का मानना है कि इस यूनिट के संचालन से जिले में रेफर होने वाले मरीजों की संख्या में भारी गिरावट आएगी, जिससे आम लोगों को काफी राहत मिलेगी।

ग्राउंड फ्लोर पर ही मिलेगी गोल्डन ऑवर की सुविधा

इस यूनिट की सबसे बड़ी ताकत इसका ग्राउंड फ्लोर है। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों के गोल्डन ऑवर (आपातकालीन समय) को ध्यान में रखते हुए ग्राउंड फ्लोर पर ही एक माइनर ओटी और एक अत्याधुनिक मॉड्यूलर ओटी का निर्माण कराया है। इसका उद्देश्य यह है कि सडक़ दुर्घटना, हार्ट अटैक या अन्य गंभीर स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों को ऊपरी मंजिलों पर ले जाने में समय बर्बाद न हो, बल्कि उन्हें तत्काल यहीं प्राथमिक सर्जरी मुहैया कराई जा सके।

कॉरिडोर से सहज होगा आवागमन

मरीजों को एक बिल्डिंग से दूसरी बिल्डिंग में स्थानांतरित करने में आने वाली परेशानियों को देखते हुए एक करोड़ रुपए के बजट से विशेष कॉरिडोर बनाने का निर्णय लिया गया है। यह कॉरिडोर जिला अस्पताल की पुरानी बिल्डिंग को नई क्रिटिकल केयर यूनिट से जोड़ेगा, जिससे स्ट्रेचर या एम्बुलेंस के जरिए मरीजों को शिफ्ट करना बेहद सहज और सुरक्षित हो जाएगा।

ऑक्सीजन पाइप लाइन के साथ अंतिम तैयारियों का दौर

यद्यपि यह परियोजना एक वर्ष पूर्व ही पूरी होनी थी, लेकिन कुछ तकनीकी बाधाओं के कारण इसमें विलंब हुआ। अब अंतिम चरण में केवल वार्डों में ऑक्सीजन गैस पाइप लाइन का कार्य शेष है। भवन निर्माण शाखा को इसे इसी सप्ताह पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आरपी गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि जून माह के इसी सप्ताह तक यूनिट को सुचारू रूप से शुरू करने की योजना को अंतिम रूप दिया जा रहा है। निश्चित रूप से, यह 5 मंजिला यूनिट छतरपुर और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए एक नई जीवनदायिनी साबित होगी, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में व्यापक सुधार आएगा।

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