
स्कूल में ताला
स्कूलों का नया शिक्षा सत्र 16 जून से शुरू हो गया है और स्कूल के पहले ही दिन छात्रों व उनके परिजनों को यहां से वहां भटकना पड़ा। दरअसल, शहर में कई स्कूलों का सांदीपनि विद्यालय में विलय कर उन्हें बंद कर दिया गया है। मगर स्कूल प्रबंधन द्वारा इसकी जानकारी अभिभावकों या छात्रों को नहीं दी गई, जिससे वे आज पुराने स्कूलों में ही पहुंचे, जहां उन्हें ताले लटके मिले। पत्रिका ने मंगलवार को शहर के अलग-अलग स्कूलों में पड़ताल की, जिसमें अधिकांश स्कूल बंद पाए गए।
डेरापहाड़ी स्थित प्राथमिक विद्यालय बंद कर दिया गया है और इसका विलय सांदीपनि विद्यालय में कर दिया गया है। यहां कोई भी जानकारी चस्पा न होने से विद्यार्थी सुबह से भटकते मिले। साथ आए परिजनों का कहना है कि उन्हें पता ही नहीं है कि अब उनके बच्चों को सांदीपनि विद्यालय में जाना पड़ेगा। कुछ अभिभावकों ने विद्यालय शिफ्ट होने पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि सांदीपनि विद्यालय दूर है और बच्चों को आने-जाने में दिक्कत होगी, क्योंकि जहां विद्यालय बनाया गया है वहां आवागमन की सुविधा भी बेहतर नहीं है।
डेरापहाड़ी के स्कूल भवन में अब गांधी आश्रम द्वारा संचालित विद्यालय शुरू किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन डेरापहाड़ी का भवन जर्जर अवस्था में है और वहां गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। पानी की व्यवस्था भी नहीं है। प्रबंधन ने कचरे के ढेर हटाने की भी जरूरत नहीं समझी है। ऐसे में नए विद्यालय के संचालन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
16 जून को स्कूलों में छात्रों के स्वागत के लिए जिला शिक्षा विभाग ने तैयारियों की बात कही थी, लेकिन तैयारी तो दूर, नरसिंहगढ़ पुरवा में बना प्राथमिक स्कूल खुला ही नहीं। दोपहर 11 बजे तक उसमें ताला लगा हुआ था। यहां इस बात की भी जानकारी नहीं लगाई गई थी कि इसे भी सांदीपनि विद्यालय से जोड़कर शिफ्ट किया गया है या नहीं। जानकारी के अभाव में विद्यार्थी बंद स्कूल देखकर लौट गए। हैरानी की बात यह है कि यह स्कूल कलेक्टर निवास से महज 200 मीटर की दूरी पर है और बड़े-बड़े प्रशासनिक अधिकारियों के बंगले इसके समीप हैं। इसके बाद भी विद्यालय प्रबंधन द्वारा नियमों की अनदेखी की गई।
संकट मोचन इलाके के बेनीगंज प्राथमिक विद्यालय में पहले दिन छात्र ही नहीं पहुंचे। स्कूल खोलकर केवल शिक्षकों द्वारा खानापूर्ति की गई। एक कमरे में संचालित इस विद्यालय में कक्षा 1 से 5 तक के विद्यार्थियों को पढ़ाया जाता है, जिनकी संख्या 100 से अधिक है। ऐसे में मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बच्चों के भविष्य पर खतरा मंडरा रहा है। स्थानीय निवासी ईशान मलिक का कहना है कि विद्यालय में पढ़ाई के नाम पर खानापूर्ति की जाती है। न तो स्कूल में पर्याप्त जगह है, टीन शेड के नीचे बच्चों को पढ़ाया जाता है। न पानी की व्यवस्था है और न ही शिक्षक समय पर आते हैं। गरीब तबके के बच्चे ही यहां पढ़ते हैं। उनकी शिक्षा पर ग्रहण-सा लग रहा है।
नया मोहल्ला में बना प्राइमरी स्कूल शुरू से ही लापरवाही का शिकार रहा है। नए सत्र के दौरान भी स्कूल बंद मिला। यहां करीब 30 बच्चे पढ़ते हैं। पास में ही गंदगी के ढेर लगे हुए हैं। स्कूल प्रबंधन ने सफाई की ओर भी ध्यान नहीं दिया है। वहीं नियमों को ताक पर रखते हुए दोपहर साढ़े 11 बजे तक स्कूल बंद मिला।
स्कूल को सांदीपनि विद्यालय में शिफ्ट कर दिया है। मुझे इसकी जानकारी ही नहीं है। विद्यालय दूर होने से अब आने-जाने की समस्या बनेगी। यहां मेरा घर नजदीक था, अब कम से कम 4 किमी का सफर तय करना पड़ेगा।
नरेश रैकवार, छात्र
सुबह आया तो स्कूल बंद मिला। बाद में पता चला कि मेरा स्कूल शिफ्ट हो गया है। सांदीपनि विद्यालय मेरे घर से दूर है। ऐसे में रोजाना आने-जाने में दिक्कत आएगी।
राघवेंद्र यादव, छात्र
मुझे पता ही नहीं था कि विद्यालय शिफ्ट हो गया है। मैं अपनी टीसी निकलवाने आया था। स्कूल से पता चला कि अब इसे बंद कर दिया गया है। जो भी दस्तावेज लेने हैं, वे अब सांदीपनि विद्यालय से ही जारी किए जाएंगे। विद्यालय दूर होने से अब हम लोगों को परेशानी होगी।
मोहम्मद ओवेश, छात्र
स्कूल द्वारा कोई जानकारी नहीं दी गई कि विद्यालय बंद कर दिया गया है। सुबह से लंबा इंतजार करने के बाद पता चला कि अब स्कूल बंद है। बच्चों को आने-जाने में समस्याओं का सामना करना पड़ेगा।
भगवान दास, अभिभावक
मंगलवार को जहां नया शिक्षा सत्र शुरू हुआ, वहीं पीएम श्री बहुउद्देशीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक 02 में डीएलएड की परीक्षा आयोजित हुई। करीब दोपहर 11 बजे प्रथम पाली का पेपर समाप्त होने पर जाम की स्थिति बन गई। अभ्यर्थियों के निकलने की वजह से स्टेडियम से लेकर यूनिवर्सिटी तिराहा तक लगभग आधे घंटे जाम लगा रहा। यातायात व्यवस्था नहीं होने से लोगों को कड़ी धूप में सड़कों पर खड़ा रहना पड़ा।
सांदीपनि स्कूल में जिन विद्यालयों को मर्ज किया गया है वे स्कूल ही बंद किए गए हैं। बाकी स्कूलों में सुबह सात बजे से शिक्षकों की ड्यूटी लगी हुई है। जहां भी स्कूल बंद मिले वहां की जानकारी ली जाएगी साथ में मर्ज स्कूल में रजिस्टर्ड बच्चों को कॉल के माध्यम से सूचना जारी करेंगे ताकि उन्हें व अभिभावकों को भटकना न पड़े।
कौशल सिंह, प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी
Published on:
17 Jun 2026 10:58 am
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