
छतरपुर। मध्य प्रदेश बोर्ड परीक्षा का परिणाम घोषित हो गया है। प्रदेश की मैरिट लिस्ट में लड़कियों ने बाजी मारी है। वही राज्य में पहले स्थान पर आने वाली छात्रा की कहानी सुनकर आप दंग रह जाएंगे। जी हां प्रदेश के छतरपुर जिले के एक गांव की रहने वाली नैंसी दुबे ने एमपी बोर्ड दसवीं में 496 अंक प्राप्त कर प्रदेश की मैरिट में पहला स्थान पाया है।
नैंसी दुबे का गांव शहर के नजदीक नारायणपुरा गांव है। नैन्सी दुबे साधारण किसान की बेटी है और पढ़ने की ललक के चलते वह हर रोज स्कूल जाने के लिए छह किलोमीटर साइकिल चलाकर छतरपुर जाती रही है। प्रदेश में अब्बल आने का श्रेय वह बड़ी बहनों से मिली प्रेरणा और शिक्षकों के मार्गदर्शन को दे रही है। हालांकि उसने खुद की मेहनत से मुकाम हासिल किया है।
कोरोना काल में स्कूल बंद हो गए तो ऑनलाइन पढ़ाई में भी पूरी तन्मयता से लगी रही। स्टेट मैरिट में स्थान आने पर नैन्सी ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि उम्मीद के मुताबिक ही रिजल्ट आया है। बड़ी बहनो और स्कूल के शिक्षकों को अपनी सफलता का श्रेय देते हुए नैन्सी बताया कि वह डॉक्टर बनकर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की सेवा करना चाहती है। जो बच्चे पढऩा चाहते हैं, लेकिन पढ़ नहीं पा रहे, उनकी मदद करना चाहती हैं।
बेटियां कर रही अरमान पूरे
पेशे से किसान राममनोज दुबे 9वीं तक पढ़े हैं। वहीं, उनकी ग्रहणी पत्नी संगीता दुबे ने आठवीं तक पढ़ाई की है। पारिवारिक परिस्थितयों के कारण खुद तो नहीं पढ़ नहीं सके। लेकिन अपनी बेटियों को पढ़ाने के लिए दोनों दिन रात मेहनत कर रहे हैं। किसानी से काम नहीं चला तो शहर के किराना व्यापारी के यहां भी नौकरी करने लगे, ताकि बेटियों की पढ़ाई करा सकें। दुबे दंपति की चार बेटियां है, आर्थिक स्थिति कमजोर होने के वाबजूद बेटियों को पढ़ाने के लिए दोनों आज भी दिनरात मेहनत कर रहे हैं। सबसे बड़ी बेटी वैशाली दुबे बीए सेकंड ईयर, दूसरी बेटी बीए फस्ट ईयर और तीसरी बेटी नैन्सी ने हाईस्कूल में टॉप किया है। वहीं चौथी बेटी आकृति आठवीं में पढ़ रही है।
Published on:
29 Apr 2022 04:11 pm
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