
Chhatarpur
छतरपुर/खजुराहो। विधानसभा मतदान के बाद अब जीत-हर के कयास लगाए जा रहे हैं। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार अपने-अपने समर्थकों से क्षेत्रवार मतदान और किसकों मिले वोट, इसकी जानकारी जुटा रहे हैं। उम्मीदवारों को कहीं किसी से धोखे की खबर, तो कहीं से पाला बदलने की जानकारी मिल रही है। होटल, पान की दुकानों में लग रही चौपालों में समूहों में बैठे पार्टियों के कार्यकर्ता तथा समर्थक अपने-अपने आंकड़े बताकर जीत का दावा-प्रतिदावा कर रहे हैं। चुनाव लडऩे वाले ऐसे उम्मीदवार जो किसी दल से संबद्ध नहीं रखते हैं, उनके नतीजों पर भी चर्चा चौपालों में हो रही है। चौपाल में कभी ठहाकों के स्वर सुनाई देते हैं, तो क भी एक-दूसरे को ताने मार देते हैं। जीत-हार के दावे प्रतिदावे के बीच कोई शर्त लगाने की चुनौती भी दे रहे हैं। कांग्रेस पार्टी के समर्थक जीत के आंकड़े गिना रहे हैं, तो भाजपा समर्थक सरकार की योजनाओं के बल पर जीत के लिए आशान्वित नजर आ रहे हैं। वहीं बसपा अपने वोट बैंक को जीत का आधार मान रही है। तो सपा उम्मीदवार और पार्टी के बड़े नेताओं के चेहरे के सहारे जीत का दंभ भर रहे हैं।
छतरपुर विधानसभा : मतदान के बाद भाजपा-कांग्रेस समर्थक अपनी-अपनी जीत के कयास लगा रहे हैं। कांग्रेस समर्थक बदलाव की लहर पर सवार होकर जीत के लिए आश्वस्त दिख रहे हैं। वहीं भाजपा कार्यकर्ता विकास के दम पर जीत का दंभ भर रहे हैं। मुख्य मुकाबला कांग्रेस और भाजपा के बीच होने से दोनों ही दलों के समर्थक अपनी-अपनी जीत का कयास लगा रहे हैं। शहर का सट्टा बाजार भी गर्म होता जा रहा है। जीत-हार के दावों के साथ लोग शर्तें भी लगा रहे हैं। हालांकि दोनों ही पार्टी के लोग फीडबैक लेकर अपनी स्थितियों का आंकलन करके भी संतुष्ट नहीं हो रहे हैं।
राजनगर विधानसभा : इस क्षेत्र में भी चाय-पान की दुकानों पर चर्चा का बाजार गर्म है। भाजपा, कांग्रेस, सपा और बसपा के समर्थक अपने-अपने आंकड़े बताकर जीत का दावा कर रहे हैं। भाजपा विकास के मुद्दे पर, कांग्रेस विधायक की छवि पर, बसपा जाति के वोट बैंक पर और सपा समर्थक पार्टी के उम्मीदवार के सहारे जीत की आस लगाए बैठी है। लेकिन इस सीट पर हुए चुनावी मुकाबले का पूरा गणित मतदाताओं के हिसाब से तय हुआ है। यहां के नतीजे चौकाने वाले हो सकते हैं।
महाराजपुर विधानसभा : क्षेत्र के गांव-गांव में लग रही चौपाल पर जीत के कयास लगाए जा रहे हैं। चर्चा हो रही है, कि किस पार्टी के उम्मीदवार की क्या स्थिति है? भाजपा समर्थक उम्मीदवार की छवि और सरकार के विकास कार्यो के दम पर जीत का दावा कर रहे हैं। वहीं चौपाल में कांग्रेस कार्यकर्ता बदलाव के प्रति जनता के मूड का हवाला देकर जीत का प्रतिदावा कर रहे हैं। बसपा और चाभी के समर्थक भी उम्मीदवार के समर्थन में मतदान की बात कहकर जीत की आस लगाए हैं।
बिजावर विधानसभा : विधानसभा इलाके के गांव और कस्बों में चाय की दुकान, नुक्कड पर लगने वाली चौपालों पर जीत-हार की चर्चा का बाजार गर्म है। कोई कांग्रेस और सपा के मजबूत दावेदारों में टक्कर के चलते भाजपा को फायदा होने का हवाला देकर सीट भाजपा के कब्जे में ही रहने का दावा कर रहा है। तो कोई सपा को जनसमर्थन मिलने का दावा कर रहा है। वहीं कांग्रेस के समर्थक पार्टी उम्मीदवार के चेहरा और क्षेत्र में पकड़ के दावे के सहारे जीत का कयास लगा रहा है।
चंदला विधानसभा : इस सीट पर सबसे कम मतदान होने की चर्चा चोपालों में भी हो रही है। कम मतदान के पीछे कोई भाजपा के उम्मीदवार की जीत का कयास लगा रहा है, तो कोई कह रहा है,कि कांग्रेस और भाजपा के बीच मुख्य मुकाबला हुआ है, जिसमें कांग्रेस उम्मीदवार को सहानभूति मिली है,इसके सात ही सपा ने भाजपा के वोट काटकर कांग्रेस की राह आसान कर दी है। वहीं कुछ लोग कांग्रेस-भाजपा की लड़ाई में सपा के हाथ मारने की बात कह रहा है। वहीं बसपा के समर्थक पार्टी के वोट बैंक के भरोसे जीत की बात कह रहे हैं।
बड़ामलहरा विधानसभा: इस क्षेत्र की चौपालों पर भाजपा और कांग्रेस के बीच करीब की टक्कर की चर्चा हो रही है। कांग्रेस के समर्थक मतदान के एक-दो दिन पहले कांग्रेस के पक्ष में महौल बनने का हवाला देकर जीत का दावा कर रहे हैं। तो वहीं भाजपा उम्मीदवार की छवि और विकास कार्यो के दम पर भाजपा समर्थक जीत का दंभ भर रहे हैं। भाजपा के पक्ष में अंतिम समय में बने माहौल के कारण भाजपा को यहां खुद को मजबूत मानकर चल रही है।
Published on:
30 Nov 2018 12:14 pm
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