छतरपुर. शहर में कई प्रमुख स्थानों में जिला स्तरीय अधिकारियों के आवास व बंगले हैं। जहां पर अधिकारियों ने इनके आगे तक अतिक्रमण कर लिया है। जहां पर सड़क में न तो विकास कार्य हो पा रहे हैं और खुद सौदर्यीकरण करा रहे हैं। ऐसे में यहां पर राहगीरों को समस्या के साथ-साथ देखने में खराब लग रहा है। वहीं इस स्थान में सड़कों की चौड़ाई भी नहीं हो पा रहा है।
शहर में कलक्टर, सीईओ, डीएफओ, सीसीएफ, डीआईजी, एसपी सहित कई अन्य अधिकारी के मुख्य सड़कों के किनारे आवास स्थित हैं। जहां पर कुछ अधिकारियों ने तार फैंसिंग कराकर अंदर पौधे लगाए लिए हैं, लेकिन अधिकतर अधिकारी मात्र मार लगाकर अतिक्रमण कराए हुए हैं। जहां पर तो सौदर्यीकरण करा रहे हैं और न ही अन्य कोई कार्य उन क्षेत्र में कराने दे रहे हैं। वहीं इन स्थानों में संकरे रास्ते होने पर आने जाने वालों को समस्याएं हो रहीं हैं।
हालात ये हैं कि पन्ना रोड में नरसिंह मंदिर से सटकर बने जिला पंचायत सीईओ, उसके बगल में स्थित कलक्टर के आवास के बाहर करीब १५-२० फीट तक भूमि पर अतिक्रमण है। यहां तो कोई विकास काए हो रहे हैं और न ही ये अधिकारी खुद के खर्च से फूल व फलदार, छायादार पौधे आदि लगवाकर सौदर्यीकरण करा रहे हैं। आसपास के लोगों को कहना है कि कलक्टर के प्रयास से उनके आवास के सामने स्थित बाजार की सूरत सुधर गई और लोगों को यहां का बाजार सौदर्यीकरण होने के बाद से अब और भी आकर्षक लगने लगा है। पहले सड़क पर वाहनों को खड़ा करना पड़ता था और अब ग्राहक वाहनों को खडा करने व आराम से खरीददारी कर रहे हैं। इसी तरह दूसरी ओर दोनों अधिकारियों के आवास बाहर भी कायाकल्प किया जाए। जिससे यहां की तस्वीर सुंदर होगी और राहगीरों को भी संकरी सड़क सामना नहीं करना पड़ेगा।
इसी तरह बिजावर नाका स्थित वन विभाग के अधिकारी सीसीएफ और डीफएफओ आवास हैं। जहां पर आवास से सड़क तक १५-२० फीट आगे सड़क तक अतिक्रमण किया हुआ है। जहां पर यहां पर स्थानीय लोग कचरा फैकते हैं। यहां पर बड़ी-बड़ी घास तक उग आई है। कुछ वर्ष पहले तक यहां पर फुलवारी लगी रहती थी, लेकिन अब यहां पर मैदान और घास व कचरा ही दिखाई दे रहा है। इसी को लेकर अधिकारियों को जानकारी भी दी गई लेकिन अधिकारियों ने सौदर्यीकरण भी नहीं कराया है।
एसपी-डीआईजी ने कराया सौदर्यीकरण
जिले के पुलिस महानिरीक्षक और एसपी की ओर से अपनी आवासों के आहर सौभादार, फूलदार पौधे लगवाए थे। जो अब बडे होने के बाद सुंदर लग रहे हैं। यहां से उन्होंने सड़क को कुछ छोड़कर तार फैंसिंग लगवाई और उसके अंदर पौधे लगाए गए। इनकी देखरेख भी कराई जा रही है।
