छतरपुर के दर्जनों निवेशकों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर उठाई कार्यवाही की मांगप्रदेश की 14 ब्रांचों से 80 करोड़ रुपए के घोटाले का आरोप
छतरपुर। बैंकों से ज्यादा ब्याज देने का लालच दिखाकर गरीबों से राशि जमा करने वाली पिनकॉन चिटफंड कंपनी छतरपुर के सैकड़ों निवेशकों को चूना लगाकर फरार हो गई है। प्रदेश भर में इस कंपनी की 14 ब्रांचें थीं जिनमें लगभग 80 करोड़ रुपए का घोटाला किया गया है। छतरपुर के दर्जनों निवेशकों ने अपने वकील रमेश के. साहू के नेतृत्व में कलेक्ट्रेट पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए कार्यवाही की मांग की।
इस मौके पर एडवोकेट रमेश के. साहू ने बताया कि कंपनी के द्वारा वर्ष 2013 से लेकर 2018 तक जिले के ग्रामीण अंचलों में रहने वाले छोटे गरीब निवेशकों को ज्यादा ब्याज का लालच देकर उनकी पूंजी जमा कराई और फिर यह कंपनी अपने कार्यालयों में ताला डालकर फरार हो गई। उन्होंने बताया कि कलकत्ता से संचालित होने वाली इस कंपनी द्वारा प्रदेश में 14 ब्रांचें संचालित की जा रही थीं। छतरपुर जिले में भी 430 निवेशकों से 2 करोड़ 97 लाख रुपए जमा कराए गए थे। राशि जमा कराने के बाद कंपनी के कर्ता-धर्ता गायब हैं। एक निवेशक छोटे किसान चेतराम अहिरवार ने बताया कि 2013 में उससे 1 लाख रुपए की एफडी कराई गई थी। उसे बताया गया था कि वर्ष 2018 में उसे 2 लाख 8 हजार रुपए का भुगतान होगा लेकिन जब एफडी की पूर्णता का समय आया तो यह कंपनी फरार हो गई। इसी तरह ग्राम हिम्मतपुरा के हरजू लाल अहिरवार, बच्चू कुशवाहा निवासी बरेठी, हल्काईं कुशवाहा गल्ला मंडी सटई रोड, दीनदयाल कुशवाहा बरेठी, गौरीशंकर विश्वकर्मा सटई रोड के द्वारा भी अपनी आपबीती सुनाई गई। वकील श्साहू ने चिटफंड कंपनियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश में बनाए गए कानून के तहत एफआईआर दर्ज कराने तथा निवेशकों का पैसा वापिस दिलाए जाने की मांग उठाई है।