
फोटो- सीएचपी130225-73- जिला अस्पताल में एक साल में 400 मरीज आए जांच कराने
छतरपुर. जिला अस्पताल में फिलहाल कैंसर के मरीजों के लिए केवल प्राथमिक जांच की सुविधा ही उपलब्ध है, लेकिन अब केंद्रीय बजट में प्रस्तावित कैंसर डे केयर सेंटर से स्थानीय स्तर पर इलाज की सुविधा मिलने की उम्मीद जागी है। इस प्रस्तावित सेंटर से अब कैंसर मरीजों को इलाज के लिए ग्वालियर, सागर, नागपुर या झांसी जैसे शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इस सेंटर में कैंसर के इलाज की सभी सुविधाएं उपलब्ध होंगी और मरीजों को दिन में इलाज के बाद शाम को घर भेज दिया जाएगा।
कैंसर डे केयर सेंटर एक ऐसा केंद्र होता है जहां कैंसर के मरीजों का इलाज दिन के समय किया जाता है और रात में उन्हें घर भेज दिया जाता है। इस सेंटर में कैंसर के सभी प्रकार के उपचार, दवाइयाँ और थेरेपी की सुविधा होगी। जिले में फिलहाल ऑन्कोलॉजी और रेडियोथैरेपी की कोई यूनिट उपलब्ध नहीं है, जिसके कारण कैंसर के मरीजों को अन्य शहरों का रुख करना पड़ता है। पिछले एक साल में लगभग 400 से अधिक कैंसर मरीज जिले में आए हैं, और हर महीने औसतन 25 से 35 नए कैंसर के मरीज अस्पताल में इलाज के लिए आते हैं।
जिला नोडल कैंसर डॉ. श्वेता गर्ग ने बताया डे केयर सेंटर बनने से मरीजों को लंबी दूरी तय करने की आवश्यकता नहीं होगी, जिससे समय और पैसों की बचत होगी। इस सेंटर में इलाज के बाद मरीजों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत नहीं पड़ेगी और उन्हें एक ही दिन में इलाज मिल जाएगा। इसके अलावा, सरकार द्वारा यह सेंटर संचालित किया जाएगा, जिससे मरीजों को मुफ्त या रियायती दरों पर दवाइयां भी मिल सकेंगी और इस गंभीर बीमारी का आर्थिक बोझ कम होगा।
डेकेयर सेंटर एक पूर्ण-सेवा कैंसर क्लिनिक है जिसमें कीमोथेरेपी प्राप्त करने के लिए डेकेयर सुविधा है। इसका उद्देश्य उन रोगियों की देखभाल करना है जिन्हें त्वरित कैंसर उपचार से गुजरने की सलाह दी गई है और उन्हें अस्पताल में रात बिताने की आवश्यकता नहीं है। डेकेयर सेवाओं का उपयोग करके मरीज़ पैसे और समय बचा सकते हैं। वे अपना नियमित काम हमेशा की तरह करते हैं। भर्ती होने और रात भर ठहरने के लिए लगने वाले शुल्क से बचा जा सकता है। उपचार के दौरान एक अनुभवी कैंसर विशेषज्ञ, गहन देखभाल विशेषज्ञ की उपस्थिति एक विशेष कैंसर डेकेयर सेंटर के लाभों में से एक है। नर्स, तकनीशियन, फार्मासिस्ट और अन्य सहित सभी कर्मचारियों को कैंसर देखभाल में प्रशिक्षण प्राप्त हुआ है। इस वजह से, रोगियों के लिए अपने मुद्दों पर चर्चा करना और सभी चिंताओं का तुरंत जवाब पाना काफी फायदेमंद है।
छतरपुर जिला अस्पताल में वर्तमान में गाल के कैंसर के मरीजों की संख्या ज्यादा पाई जाती है, और इसका मुख्य कारण गुटखा और तंबाकू का सेवन है। इसके बाद स्तन कैंसर और सर्वाइकल कैंसर (बच्चेदानी के कैंसर) के मामले सामने आते हैं। डॉ. आरपी गुप्ता के अनुसार पहले चरण में 200 जिला अस्पतालों में कैंसर डे केयर सेंटर खोले जाएंगे और हमें उम्मीद है कि छतरपुर जिला अस्पताल का नाम भी इस सूची में शामिल होगा। इसके लिए हम पत्राचार कर रहे हैं।
डॉ. श्वेता गर्ग का कहना है कि कैंसर की बीमारी में समय पर इलाज अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अगर इलाज में देरी हो जाए तो स्थिति गंभीर हो सकती है। डे केयर सेंटर के खुलने से मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा और जीवन बचाने की संभावना बढ़ेगी। यह सुविधा न केवल छतरपुर, बल्कि आसपास के अन्य जिलों के मरीजों के लिए भी बड़ी राहत साबित होगी।
Published on:
14 Feb 2025 10:51 am
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