ब्लास्टिंग के बाद हुई पत्थरों की बौछार, मवेशी घायल
छतरपुर. बीते रोज ग्राम सिलपतपुर में उस वक्त भय का माहौल निर्मित हो गया जब यहां पत्थर खदान संचालित करने वाली किसान मिनरल्स कंपनी द्वारा ब्लास्ट किया गया। दरअसल ब्लास्ट के बाद पूरे इलाके में पत्थरों की बौछार हुई जिससे कई पशु घायल हुए हैं। इसके साथ ही खदान से कुछ दूरी पर स्कूल होने के कारण यहां के छात्र और खदान के पास स्थित खेतों के किसान कंपनी की कार्यशैली से बेहद परेशान हैं।
किसान दीनदयाल पटेल बताते हैं कि ब्लास्टिंग के बाद आसमान से पत्थर बरस रहे थे जिस कारण से भी लोग भयभीत हो गए। उन्होंने बताया कि पूर्व में ब्लास्टिंग के दौरान पत्थर लगने से उसके बकरे की मौत भी हो चुकी है जिसका किसान मिनरल्स द्वारा मुआवजा नहीं दिया गया। गांव के कुछ अन्य लोगों ने बताया अक्सर ब्लास्टिंग के बाद गांव में पत्थरों की बारिश होती है जिससे फसलों, मवेशियों और ग्रामीणों को नुकसान होता है। जो कृषि भूमि लीज की जमीन के आसपास है उस पर भू-स्वामी खेती नहीं कर पा रहे। यह शिकायत भी कई बार अधिकारियों से की जा चुकी है। जानकारी मिली है कि कंपनी द्वारा नियमों को ताक पर रखकर लगभग 200 फीट की गहराई तक खनन किया जा रहा है। ग्रामीण रामप्रसाद पटेल ने बताया कि लीज की जमीन से सटे खसरा क्रमांक 41/5 के अंश भाग पर शासकीय शाला है जबकि शेष भाग अवैध रूप से किसान मिनरल्स कंपनी ने कब्जे में लिया है। कंपनी द्वारा आए दिन की जाने वाली ब्लास्टिंग के कारण यहां धूल के गुबार उड़ते रहते हैं जिस कारण से शाला में बनने वाला भोजन धूलयुक्त हो जाता है।
मुख्य सड़क के किनारे मलबे का ढेर
सिलपतपुर से लवकुशनगर को जोडऩे वाली मुख्य सड़क के किनारे किसान मिनरल्स कंपनी ने बिना किसी बाउंड्री के मलबे का ढेर लगा दिया है। सड़क के किनारे पर्याप्त जगह न छोड़े जाने के कारण आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा खसरा क्रमांक 42/1 एवं 41/1 से 5 तक जगदीश, मुन्ना, घसिया, आदि के निजी स्वामित्व की भूमि है जिसकी पुष्टि 16-12-21 में प्रशासन ने पंचनामा के दौरान की थी। इसके साथ ही खसरा क्रमांक के बाजू से गौचर एवं आबादी की भूमि चिन्हित है जिस पर किसान मिनरल्स कंपनी ने अवैध कब्जा कर रखा है।
इनका कहना है
ब्लास्टिंग के संबंध में शिकायत मिली है। शिकायतकर्ता को पुलिस को सूचना देनी चाहिए, मैं कल दिखवाता हूं।
राकेश परमार, एसडीएम, लवकुशनगर